साल 2017 की तीसरी तिमाही के विकास दर के आंकड़ें जारी होने के बीच अमेरिकी डॉलर में अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले मिला-जुला रुख रहा। वाणिज्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, देश की अर्थव्यवस्था साल की तीसरी तिमाही में 3.3 फीसदी की वार्षिक दर से बढ़ी है, जो पिछले अनुमानों से तीन फीसदी से थोड़ी अधिक है।
जुलाई से नई टैक्स नीति हुई थी लागू
देश में पुरानी टैक्स नीति को बदलकर जुलाई में नई टैक्स नीति जीएसटी लागू कर दी गई थी। आज आने वाले इन आंकड़ों से ये भी पता चल जाएगा कि दूसरी तिमाही में जीएसटी का कारोबार पर असर कैसा रहा है और जीडीपी की वृद्धि दर पर इसका कैस प्रभाव रहा है।
जीएसटी के बाद देश में बदला कारोबार का माहौल
जीएसटी के आने के बाद देश में कारोबार का माहौल बदला है, जीएसटी का असर कई कारोबार पर पड़ा है, इसमें लघु और मध्यम कारोबारियों पर सबसे ज्यादा मार पड़ी है। कारोबार पर जीएसटी की मार का असर जीडीपी के आंकड़ों में भी नजर आ सकता है।
डॉलर पर रहेंगी नजरें
न्यूयॉर्क ट्रेडिंग में बुधवार को यूरो पिछले सत्र के 1.1839 डॉलर के मुकाबले बढ़कर 1.1862 डॉलर रहा। वहीं ब्रिटिश पाउंड पिछले सत्र के 1.3376 डॉलर के मुकाबले चढ़कर 1.3422 डॉलर रहा। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7597 डॉलर के मुकाबले गिरकर 0.7577 डॉलर रहा।
डॉलर में दिखी कमजोरी
अमेरिकी डॉलर 0.9844 स्विस फ्रैंक से गिरकर 0.9839 स्विस फ्रैंक रहा जबकि यह 1.2816 कनाडा डॉलर से चढ़कर 1.2853 कनाडा डॉलर रहा। डॉलर सूचकांक बीते कारोबारी सत्र में 0.10 फीसदी की कमजोरी के साथ 93.179 पर रहा।


Click it and Unblock the Notifications