इंफोसिस के नॉन एक्जीक्यूटिव चेयरमैन नंदन नीलेकणि और उनकी पत्नी रोहणी ने अपनी आधी संपत्ति दान कर दिया है। नीलेकणि दंपत्ति ने ऐसा इसलिए किया है क्योंकि वो 'द गिविंग प्लेज' में शामिल होना चाहते थे और इस तरह उन्होंने अपनी आधी संपत्ति 'द गिविंग प्लेज' को दान कर दी। 'द गिविंग प्लेज' दुनिया के उन अमीर लोगों का नेटवर्क है जो अपनी आधी संपत्ति सेवा कार्यों के लिए दान करते हैं।
बिल गेट्स और मिलिंडा गेट्स से ली प्रेरणा
नीलेकणि दंपत्ति ने गिविंग प्लेज की वेबसाइट पर अपने हस्ताक्षर वाला शपथ पत्र अपलोड किया है। साथ ही इस पत्र में बिल गेट्स और मिलिंडा गेट्स का शुक्रिया भी अदा किया है। नीलेकणि ने अपने पत्र में लिखा है कि हम बिल गेट्स और मिलिंडा गेट्स की इस अनोखी पहल से काफी खुश हैं। जिसने हमें परोपकार के लिए कुछ करने की प्रेरणा दी है।
बिल गेट्स ने भी किया ट्वीट
नंदन नीलेकणि के संस्था से जुड़ने के बाद बिल गेट्स ने ट्वीट करके कहा कि मुढे इस बात का आश्चर्य है कि नंदन नीलेकणि ने अपनी उद्यमी जुनून को परोपकार के नाम करने की पहल की है। मुझे नंदन और उनकी पत्नी रोहणी का द गिविंग प्लेज पर स्वागत करते हुए काफी खुशी हो रही है।
इतनी है संपत्ति
फोर्ब्स के अनुसार नीलेकणि परिवार के पास 1.7 अरब डॉलर की संपत्ति है। इसमें से ज्यादा इंफोसिस में 2 प्रतिशत शेयरहोल्डिंग के तौर पर है। नंदन नीलेकणि एन आर नारायण मूर्ति के साथ मिलकर इंफोसिस की स्थापना की थी।
द गिविंग प्लेज का मकसद
द गिविंग प्लेज की शुरुआत 2010 में हुई थी। इसकी शुरुआत बिल गेट्स और मिलिंडा गेट्स ने वॉरेन बफे के साथ मिलकर किया था। इस नेटवर्क में कुल 21 देशों से 171 डोनर जुड़े हुए हैं। नीलेकणि इस नेटवर्क से जुड़ने वाले चौथे भारतीय हैं। जिसमें विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी, बायोकॉम के चेयरमैन किरण मजूमदार शॉ, शोभा डेवलपर्स के चेयरमैन पीएनसी मेनन प्रमुख हैं। इस नेटवर्क का यही मकसद है कि दुनिया के अमीरों की संपत्ति का एक हिस्सा गरीबी से लड़ने वाले लोगों तक पहुंचे।


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