केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सरकार ने एक खुशखबरी दी है। जिसके मुताबिक कर्मचारी नया घर लेने या फिर बनाने के लिए 25 लाख रुपए तक का लोन ले सकेंगे। आपको बता दें कि इससे पहले यह लिमिट 7.50 लाख रुपए थी। जिसमें लगभग 350 प्रतिशत बढ़ोत्तरी की गई है। यह बदलाव हाउस बिल्डिंग एडवांस रुल्स के अंतर्गत किया है। साथ ही इसमें सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को भी शामिल किया गया है।
घर के एक्सपेंशन के लिए 10 लाख रुपए
सरकार ने अपने एक बयान में कहा है कि अब कर्मचारियों को घर के कंस्ट्रक्शन या नए फ्लैट लेने के लिए 34 महीने की बेसिक पे एडवांस में दी जाएगी, लेकिन इसकी लिमिट 25 लाख रुपए तक होगी। इसके अलावा इसी तरह घर के एक्सपेंशन के लिए 10 लाख रुपए तक का एडवांस दिया जाएगा जो पहले केवल 1.80 लाख रुपए था।
पति और पत्नी दोनों अलग-अलग ले सकते हैं एडवांस
यदि पति और पत्नी सेंट्रल गवर्नमेंट के कर्मचारी हैं तो दोनों एक साथ या अलग-अलग बिल्डिंग एडवांस लेने के योग्य माने जाएंगे। जबकि इससे पहले केवल एक व्यक्ति को ही एडवांस मिलता था।
ब्याज दर 8.5 प्रतिशत फिक्स
हाउस बिल्डिंग एडवांस का ब्याज दर 8.5 प्रतिशत फिक्स कर दिया है। जबकि इससे पहले कर्मचारियों को 6 से 9.5 प्रतिशत अलग-अलग स्लैब में रेट ऑफ इंटरेस्ट देना पड़ता था। ब्याज दर का हर तीन साल में रिव्यू किया जाएगा। उस आधार पर हाउसिंग एडवांस का इंटरेस्ट रेट में बदलाव किया जाएगा।
किसी भी प्राइवेट कंपनी से कराया जा सकता है बीमा
इस स्कीम की खास बात यह है कि हाउस बिल्डिंग एडवांस की रिकवरी में पहले 15 साल में प्रिंसिपल अमाउंट वापस लिया जाएगा, इसके बाद अगले पांच साल में ब्याज की राशि ली जाएगी। साथ ही इस एडवांस राशि से लिया गया घर या फ्लैट का किसी प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनी से बीमा कराया जा सकता है, लेकिन यह कंपनी इंश्योरेंस रेग्युलेटरी डेवलपमें अथॉरिटी से अप्रूव होनी चाहिए।


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