एचडीएफसी कस्टमर के लिए बैंक ने एक राहत की खबर दी है। जिसके मुताबिक बैंक ने ऑनलाइन RTGS-NEFT ट्रांजेक्शन की प्रक्रिया को फ्री कर दिया है। यह व्यवस्था 1 नवंबर से लागू कर दी जाएगी। इस खबर पर बैंक का कहना है कि डिजिटल इकोनॉमी को प्रमोट करने के लिए ऐसा किया गया है। हालांकि बैंक ने चेकबुक देने में चार्ज बदलने की घोषणा की है। अब कस्टमर को साल में एक ही चेकबुक मिलेगी। दूसरी चेकबुक लेने पर फीस देना होगा।
1 नवंबर से लागू होगी व्यवस्था
HDFC बैंक की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार अब सेविंग और सैलरी अकाउंट से ऑनलाइन RTGS-NEFT ट्रांजेक्शन बिल्कुल फ्री कर दिए गए हैं। यह कितनी भी राशि के लिए किए जा सकते हैं। नई व्यवस्था 1 नवंबर से लागू की जाएगी।
RTGS में लगने वाली फीस
अभी तक रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) फीस 2 से 5 लाख रुपए पर 25 रुपए फीस देनी होती थी। वहीं 5 लाख रुपए से ज्यादा पर 50 रुपए तक फीस दी जाती थी जो कि अब 1 नवंबर से बिल्कुल फ्री होगा।
NEFT में लगने वाली फीस
नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (NEFT) फीस की लिमिट 10 रुपए से कम पर 2.5 रुपए और 10 हजार से 1 लाख रुपए तक पैसे ट्रांसफर करने पर 5 रुपए फीस देनी होती थी। तो वहीं 1 लाख से 2 लाख रुपए तक पैसे ट्रांसफर करने पर 15 रुपए चार्ज लगता था।
चेकबुक के लिए नया नियम
एचडीएफसी बैंक ने चेकबुक के लिए नया नियम लागू किया है। इसके तहत 25 पेज की चेकबुक अकाउंट होल्डर्स को साल में एक बार ही फ्री में मिलेगी। इसके बाद चेकबुक लेने पर फीस देनी होगी। दूसरी चेकबुक की फीस 75 रुपए होगी। आपको बता दें कि पहले 2 चेकबुक मिलती थीं।
चेक बाउंस होने पर देनी होगी पेनाल्टी
अगर पेमेंट के लिए दिया गया चेक बाउंस होता है तो 500 रुपए पेनाल्टी देनी होगी। तो वहीं अगर किसी ने पेमेंट के लिए चेक डिपॉजिट किया और वह वापस आ जाता है तो उस पर अब 100 रुपए की जगह 200 रुपए की पेनाल्टी लगाई जाएगी।


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