आम लोगों के लिए जीएसटी की तरफ से रोजमर्रा की चीजों पर एक राहत की खबर आ सकती है। 10 नवंबर को होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में इस पर फैसला किया जाएगा। जीएसटी काउंसिल, हैंडमेंट फर्नीचर, प्लास्टिक प्रोडक्ट्स और शैम्पू जैसे डेली यूज के कई सामानों पर टैक्स रेट कम कर सकती है। इसके अलावा काउंसिल रिटर्न फाइलिंग के नियमों को भी आसान बना सकती है।
कई आइटम 28% जीएसटी के दायरे से होंगे बाहर
रिर्पोट के अनुसार वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में होने वाली काउंसिल की अगली बैठक में रोज इस्तेमाल होने वाले कई आइटम्स को 28 फीसदी जीएसटी के दायरे से बाहर किया जा सकता है। यानी उन पर टैक्स रेट घटाए जाने की उम्मीद है। इसके अलावा छोटे और मझोले उद्योगों को राहत देने के लिए जीएसटी पैनल उन सेक्टर्स में जहां टैक्स ज्यादा बढ़ गया है वहां टैक्स रेट को कम कर सकता है।
घटेगा टैक्स रेट
सूत्रों के अनुसार 28 फीसदी टैक्स स्लैब में आने वाले आइटम्स में बदलाव किए जा सकते हैं। इसमें रोज इस्तेमाल होने वाले कई आइटम्स पर भी टैक्स रेट घटाए जा सकते हैं।
लकड़ी के फर्नीचर पर
जीएसटी के तहत सभी फर्नीचर पर 28 फीसदी की दर से टैक्स देना होता है। लकड़ी के फर्नीचर आमतौर पर अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर के कारीगर बनाते हैं और इनका इस्तेमाल अधिकांश रुप से मिडिल क्लास फैमिली करती है, उनकी डिमांड है कि टैक्स रेट घटाया जाए।
प्लास्टिक के आइटम्स
प्लाास्टिक के कुछ समानों पर अभी 18 प्रतिशत जीएसटी रेट है। लेकिन कई आइटम्स जैसे शॉवर बाथ, शिंक्स, वॉश, बेसिन, सीट एंड कवर्स जैसे कई तरह के प्लास्टिक के सेनेटरी वीयर्स पर 28 फीसदी टैक्स रेट है। इन चीजों पर टैक्स रेट कम करने की जरुरत है। प्लास्टिक मैन्युफैक्चर्स ने रेवेन्यू डिपार्टमेंट को अपने प्रेजेंटेशन में कहा था कि 80 फीसदी इंडस्ट्री छोटे और मझोले कैटेगरी की है।
वेट मशीन और कम्प्रेशर्स
रिर्पोट के अनुसार वेट मशीन और कम्प्रेशर्स पर भी जीएसटी रेट 28 प्रतिशत घटाकर 18 प्रतिशत किया जा सकता है। 90 प्रतिशत मैन्यूफैक्चर्स छोटे और मझोले इंडस्ट्री के हैं, जिन्हें जीएसटी से पहले एक्साइज ड्यूटी से मिली हुई थी। इसलिए ऐसी मशीनों पर केवल 14.5 प्रतिशत वेट लगा था। इसी तरह कम्प्रेशर्स पर जीएसटी से पहले कुल 17.2 प्रतिशत टैक्स लगा था।
अब तक 100 ये ज्यादा आइटम में बदल चुके हैं टैक्स रेट
जीएसटी काउंसिल में सभी राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हैं। अब तक काउंसिल 100 से ज्यादा आइटम्स के टैक्स रेट में बदलाव कर चुकी है। पिछले महीने काउंसिल ने एक अप्रोच पेपर को अप्रूव्ड किया था, जिसे भविष्य में टैक्स रेट बदलाव करने के फैसले के दौरान फिटमेंट कमिटी फॉलो करेगी। आपको बता दें कि जीएसटी के तहत अलग-अलग सामानों और सेवाओं को 5,12,18 और 28 प्रतिशत के टैक्स स्लैब में रखा गया है।


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