अगर आप अपने PF डाटा बेस में अपने नाम या पिता के नाम में करेक्शन कराना चाहते हैं या सरनेम बदलवाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको महीनों इंतजार नहीं करना होगा। EPFO ने नाम करेक्शन से संबंधित आवेदन का तेजी से जवाब देने के लिए जूनियर अधिकारियों को एक्सेस दे दिया है। जिससे अब पीएफ मेंबर्स के नाम में करेक्शन से जुड़े काम कम समय में हो जाएंगे।
नाम करेक्शन में लगता है ज्यादा समय
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ईपीएफओ मेंबर्स या उसके पिता के नाम में करेक्शन को मंजूरी देने की पावर रीजनल पीएफ कमिश्नर के स्तर के अधिकारियों को है। लेकिन यह देखा गया है कि फील्ड में रीजनल पीएफ स्तर के अधिकारियों की कमी है। ऐसे में नाम में करेक्शन से जुड़े आवेदन पर काम तेजी से नहीं हो पा रहा है।
नाम का करेक्शन करेंगे ऑफिस इंचार्ज
EPFO ने मौजूदा स्थिति की समीक्षा के बाद नाम में करेक्शन की पावर ऑफिस इंचार्ज की मंजूरी के साथ एक या दो अस्टिटेंट पीएफ कमिश्नर को देने का फैसला किया है। उसे पीएफ मेंबर के नाम करेक्शन से जुड़े सभी मामलों में मंजूरी का अधिकार होगा।
रीजनल पीएफ कमशिनर और अस्टिटेंट पीएफ कमिश्नर का है अधिकार
आपको बता दें की वर्तमान नियमों के तहत ईपीएफओं के डाटा बेस में पीएफ मेंबर अगर अपने नाम या अपने पिता के नाम में करेक्शन कराना चाहता है तो इसके लिए कर्मचारी और इंप्लाई की ज्वाइंट रिक्वेस्ट के साथ सर्पोंट डॉक्यूमेंट देना होता है। कई बार महिला कर्मचारी शादी के बाद अपना सरनेम भी चेंज कराती हैं। इन मामलों में मंजूरी का अधिकार रीजनल पीएफ कमशिनर और अस्टिटेंट पीएफ कमिश्नर हो है।
इतनी है संख्या
मौजूदा समय में ईपीएफओ के 4.5 करोड़ एक्टिव मेंबर हैं। इसके अलावा ईपीएफओ के कुल मेंबर्स की संख्या लगभग 17 करोड़ है। आपको बता दें कि ईपीएफओ पीएफ मेंबर्स के 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक के पीएफ फंड का प्रबंधन कराता है।


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