रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने रक्षा क्षेत्र में भारतीय और विदेशी कंपनियों के उद्योग प्रतिनिधियों से 'एनर्जाइजिंग मेक इन इंडिया' के मुद्दे पर बातचीत की। गोलमेज बैठक के दौरान उठाए गए मुख्य मुद्दों समेत डीआरडीओ (DRDO) द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों के व्यावसायीकरण और खरीद प्रस्तावों पर सीतारमण ने अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई करने का आदेश दिया।

रक्षा मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि उन्होंने वित्त मंत्रालय से कर-संबंधित मामलों और गृह मंत्रालय के साथ लाइसेंसिंग मुद्दे के समाधान के लिए कार्रवाई करने का भी आदेश दिया।
बयान में कहा गया है कि बैठक में रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में निजी भागीदारी से संबंधित कई मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। जिसमें खरीद प्रक्रियाओं में तेजी लाने, एक संरक्षित रक्षा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण और एमएसएमई क्षेत्र में जनशक्ति को कुशल बनाना शामिल है।
वर्तमान सरकार रक्षा निर्माण में सभी बाधाओं को दूर करने और निजी भागीदारी को बढ़ावा देने के साथ रक्षा क्षेत्र में उच्च मूल्य वाले विदेशी निवेश लाने, स्वदेशी क्षमताओं का निर्माण करने और देश की रक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।


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