PSU बैंको को आर्थिक पैकेजे देने से रुपया होगा मजबूत: मॉर्गन स्टैनली

केंद्र सरकार द्वारा बैंको को दिए गए आर्थिक पैकेज की तारीफ हर तरफ हो रही है। 2.11 लाख करोड़ के पैकेज से बैंको के पास कर्ज देने की क्षमता में इजाफा होगा और वह आर्थिक तौर पर और भी मजबूत होंगे। इस बारे में मॉर्गन स्टैनली ने भी अपनी टिप्पणी की है। मॉर्गन स्टैनली एक वैश्विक वित्तीय सेवा फ़र्म जिसका मुख्यालय न्यूयॉर्क शहर, न्यूयॉर्क, संयुक्त राज्य अमेरिका में है।

Morgan Stanley Praised mega Rs 2.11 lakh crore bank recapitalisation Plan

मॉर्गन स्टैनली ने इस बारे में एक रिपोर्ट जाहिर की है। रिपोर्ट के अनुसार, रीकैपिटलाइजेशन से निजी क्षेत्र फिर से पूंजीगत खर्च करना शुरू करेगा। घरेलू शेयर बाजारों में विदेशी निवेशकों की रुचि बढ़ेगी, मॉर्गन स्टैनली के मुताबिक, मजबूत ग्रोथ और भारतीय रुपए का शेयर बाजारों के साथ अंतर्संबंध इसे और आगे मजबूत करने में मदद करेगा।

रिपोर्ट में कहा गया है कि नोटबंदी के बाद बैंकों के NPA में कमी आई, लेकिन इसकी रफ्तार में सुधार आने के बाद पूंजी डालने की योजना बैंकों की उनके फंसे कर्ज (NPA) की समस्या से निपटने में मदद करेगी। साथ ही नए कर्ज बांटने में भी सहायता करेगी, इससे देश में निजी क्षेत्र के पूंजीगत निवेश बढ़ेगा।

मॉर्गन स्टैनली के मुताबिक इस घोषणा का राजकोषीय घाटे और महंगाई पर असर पड़ने की आशंका नहीं है। इकोनॉमिक ग्रोथ के मानकों पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है। मॉर्गन स्टैनली ने वित्त वर्ष 2018-19 के लिए भारत की विकास दर का अपना अनुमान बढ़ाकर 7.5 फीसदी कर दिया है। वहीं, रुपया डॉलर के मुकाबले 65 रुपए के आस-पास बना हुआ है।

हाल ही में केंद्र सरकार ने एनपीए की समस्या से जूझ रहे सरकारी बैंकों में दो साल में 2.11 लाख करोड़ रुपए की पूंजी डालने की घोषणा की थी। इसमें से 1.35 लाख करोड़ रुपए रीकैपिटलाइजेशन बांड से दिए जाएंगे। बाकी 76,000 करोड़ रुपए में से कुछ बजटीय सहायता के रूप में और कुछ बैंक बाजार से जुटाएंगे।

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