वित्तमंत्री अरुण जेटली ने आज मंगलवार को केंद्र की मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने पर एक प्रेस वार्ता की। इस प्रेसवार्ता में जेटली ने स्पष्ट किया कि देश का आर्थिक ढांचा मजबूत है और देश चुनौतियों से निपटने में सक्षम है।
- 28 लाख नए जीएसटी कर दाता जुड़े: जेटली
- पहले महीने में 56 लाख लोगों ने जीएसटी रिटर्न फाइल किया।
- हर महीने जीएसटी रिटर्न दाखिल करने वाले वालों की संख्या बढ़ी: जेटली
- पिछले तीन साल में महंगाई दर में कमी आई है: अरुण जेटली
- अर्थव्यवस्था की सरकार ने की समीक्षा: अरुण जेटली
- बड़े बदलावों का असर कुछ समय बाद दिखेगा: अरुण जेटली
- अर्थव्यवस्था की बुनियाद काफी मजबूत: अरुण जेटली
- अर्थव्यवस्था की बुनियाद काफी मजबूत: अरुण जेटली: अरुण जेटली
- विदेशी पूंजी निवेश बढ़ कर 400 बिलियन डॉलर हुआ: अरुण जेटली
- जीएसटी सबसे बड़ा सुधार, इसके अलावा नोटबंदी, काले धन पर नकेल भी कसने में रहे कामयाब: जेटली
- जीएसटी से भ्रष्टाचार में कमी आई है: अरुण जेटली
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि पिछले तीन साल के दौरान जीडीपी की औसत दर 7.5 फीसदी रही। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत में विश्वास बढ़ा है, अर्थव्यवस्था का बुनियादी ढांचा काफी मजबूत है।
सरकार ने 6.90 लाख करोड़ रुपये के रोड प्रॉजेक्ट्स की घोषणा के साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए 2.11 लाख करोड़ रुपये के कैपिटलाइजेशन प्लान का ऐलान किया। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इन दो महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी देने के साथ ही यह भी दावा किया कि अर्थव्यवस्था की बुनियाद बहुत मजबूत है। इसे साबित करने के लिए वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रेजेंटेशन भी दी।वित्त मंत्री ने कहा कि निवेश, नौकरियों, ग्रोथ के लिए बैंकों को मजबूत बनाया जा रहा है।
इसके लिए सार्वजनिक बैंकों के खातिर कैपिटलाइजेशन प्लान तैयार किया गया है। इसके लिए 1.35 लाख करोड़ रुपये के बॉन्ड जारी किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पहले अंधाधुंध कर्ज देते समय बैंकों की सही तस्वीर नहीं पेश की जा रही थी।
वित्त मंत्री ने कहा कि 2008 से 2014 के बीच जो स्थिति रही वह दोबारा ना हो, इसके लिए बैंकिंग रिफॉर्म भी होंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि छोटे और मध्यम दर्जे के उद्योगों को कर्ज देने में प्राथमिकता दी जाएगी, जहां सबसे अधिक रोजगार उत्पन्न होते हैं।


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