घाटे में चल रही सरकारी विमान कंपनी एयर इंडिया को अब विशेष पैकेज की जरूरते हैं ताकि वह अपनी तात्कालिक जरूरतों को पूरा कर सके। एयर इंडिया को तात्कालिक जरूरतें पूरी करने के लिए लिए 1500 करोड़ रुपए की जरूरत है।

एक महीने से कुछ अधिक समय में यह दूसरी बार है जब एयर इंडिया ने अल्पावधि ऋण के लिए निविदा जारी की है। वहीं, दूसरी ओर सरकार हिस्सेदारी बेचने की रूपरेखा पर काम कर रही है, कर्ज के बोझ तले दबी सरकारी विमानन कंपनी वित्तीय संकट और कठोर प्रतिस्पर्धा समेत कई मुद्दों से जूझ रही है,
पिछले दिनों एक दस्तावेज जारी कर एयर इंडिया ने कहा था कि, 'वह तत्काल कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सरकारी गारंटी के समर्थन वाली 1,500 करोड़ रुपये तक की अल्पावधि ऋण की तलाश में है।' ऋण की अवधि जारी होने की तिथि से 27 जून 2018 तक होगी और इस अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
दस्तावेज में कहा गया है कि भारत सरकार की गारंटी 27, जून 2018 तक या विनिवेश की तिथि तक वैध रहेगी और यह राशि एक या तीन चरणों में ली जाएगी। ऋण के संबंध में एयर इंडिया ने बैंकों से अनुरोध किया है कि वह वित्तीय बोली के साथ दी जाने वाली राशि के बारे में जानकारी 26 अक्तूबर तक जमा करें।


Click it and Unblock the Notifications