आयकर विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की यूनियनों ने एक अक्टूबर से नए उन्नत साफ्टवेयर पैकेज आईटी बिजनेस एप्लीकेशन (आईटीबीए) को लागू करने के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है। यूनियनों ने विभाग से इसे कम-से-कम तीन महीने के लिए टालने को कहा है।

उन्होंने अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए 31 अक्तूबर की समयसीमा तय की है। उनकी मांगों में नये सॉफ्टवेयर को एक जनवरी तक लाने की बात शामिल है ताकि उन्हें नई प्रणाली को सीखने का समय मिल सके। साथ ही उनकी मांग है कि ठेका के आधार पर तकनीकी विशेषग्यों की सेवा लेने पर रोक लगे।
आयकर विभाग ने चरणबद्ध तरीके से सात बड़े महानगरों में मौजूदा एएसटी सॉफ्टवेयर के स्थान पर आईटीबीए प्रणाली को लाया है।
विभाग का मानना है कि नया आईटीबीए प्रणाली ई.मेल आधारित जांच मामलों को छोड़कर सभी लंबित मामलों को निपटाने में तेजी लायेगी। हड़ताल का आवान आईटी कर्मचारी महासंघ और आयकर राजपत्रित अधिकारी संघ ने किया है। लेकिन उन्होंने हड़ताल की तिथि अभी तक तय नहीं की है।
देशव्यापी हड़ताल पर जाने का फैसला इन संगठनों की सीबीडीटी के अध्यक्ष सुशील चन्द्र के साथ बेनतीजा बैठक के बाद लिया गया। उनकी सीबीडीटी के सदस्य बी डी बिश्नोई के साथ हुई बैठक का भी कोई नतीजा नहीं निकला। इस नये सॉफ्टवेयर को टीसीएस ने विकसित किया है।


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