देश में पेट्रोल और डीजल की खपत बढ़ने के साथ ईंधन की मांग सितंबर महीने में 9.9 प्रतिशत बढ़ी। एक साल से अधिक समय में किसी एक महीने में यह सर्वाधिक वृद्धि है। पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़े के अनुसार सितंबर महीने में 1.62 करोड़ टन पेट्रोलियम उत्पादों का उपयोग किया गया जो पिछले साल इसी महीने में 1.48 करोड़ टन था।

अगस्त 2016 के बाद मांग में यह सर्वाधिक वृद्धि है। उस समय इसमें 18.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले इस साल अगस्त महीने में मांग में 6.1 प्रतिशत की गिरावट आयी थी। इसका कारण देश में कई भागों में बाढ़ थी जिससे डीजल और पेट्रोल की मांग में कमी आयी थी।
इस साल आठ महीने में से चार में तेल मांग घटी है। देश तेल की कुल जरूरत का 81 प्रतिशत आयात करता है। बयान के अनुसार सितंबर में डीजल की बिक्री 16.5 प्रतिशत बढ़कर 60.8 लाख टन रही जबकि पेट्रोल की खपत 17.85 प्रतिशत उछलकर 21.4 लाख टन रही।
खाना बनाने की गैस या तरलीकृत पेट्रोलियम गैस एलपीजी की बिक्री आलोच्य महीने 3.8 प्रतिशत बढ़कर 19.4 लाख टन रही। विमान ईंधन एटीएफ की मांग 7.1 प्रतिशत बढ़कर 615,000 टन रही। नाफ्था की बिक्री आलोच्य महीने में 4.9 प्रतिशत बढ़कर 11.6 लाख टन रहा। वहीं सड़कों में उपयोग होने वाला तारकोल की मांग 7.5 प्रतिशत बढ़कर 287,000 टन रही।


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