मध्यप्रदेश सरकार ने दिवाली और धनतेरस के मौके पर अतिथि और संविदा शिक्षकों को कई सौगातें दी हैं। अब अतिथि शिक्षकों और संविदा शिक्षकों को नियमित करने की घोषणा की गई है। इस घोषणा के अंतर्गत संविदा शिक्षा भर्ती परीक्षा में 25 प्रतिशत आरक्षण के साथ ही 9 साल की आयु सीमा में छूट दे दी है। जो कि शिक्षकों के लिए बहुत बड़ी और अच्छी खबर है।
लगातार 3 साल तक काम करने वालों को मिलेगा लाभ
यह घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की कैबिनेट की अहम बैठक में की गई है। बैठक में यह भी कहा गया है कि कम से कम तीन साल की अवधि तक अतिथि शिक्षक का काम करने वाले उम्मीदवारों को इसका लाभ मिलेगा। दिवाली से पहले शिवराज सरकार ने अतिथि शिक्षकों को यह सौगात दे दी है। शिवराज सरकार ने अतिथि शिक्षकों के अलावा अन्य फैसले भी लिए हैं।
जल्द ही होगी संविदा शिक्षकों की भर्ती
मध्यप्रदेश का प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (PEB) जल्द ही संविदा शिक्षकों की भर्ती करेगा। कैबिनेट बैठक में 41205 संविदा शिक्षकों की भर्ती को पहले ही हरी झंडी मिल चुकी है, लेकिन कुछ महीनों से परीक्षा की प्रक्रिया अटकी हुई है।
वैकेंसी के लिए मिल चुकी है मंजूरी
संविदा शिक्षकों की बंपर वैकेंसी के प्रस्ताव के पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। जल्द ही संविदा शिक्षक भर्ती की तारीखों का भी ऐलान होने वाला है। इसके बाद आवेदन फॉर्म ऑनलाइन भरे जाएंगे। इससे पहले यह परीक्षा व्यापम के जरिए होती थी, लेकिन गड़बड़ी की वजह से इसका नाम बदलकर प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (PEB) कर दिया है।
चरणबद्ध तरीके से होगी परीक्षा
पीईबी जो परीक्षा आयोजित करने वाला है उनमें संवदिा शिक्षक वर्ग-1, संविदा शिक्षक वर्ग-2 और संविदा शिक्षक वर्ग-3 पात्रता परीक्षा शामिल हैं। पिछली बार की अव्यवस्था से सबक लेकर इसे चरण बद्ध तरीके से कराया जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में तीन महीने लग सकते हैं।
ऑनलाइन होगी परीक्षा
पिछली बार के जैसे अव्यवस्था न हो इससे बचने के लिए इस बार संविदा की परीक्षा ऑनलाइन होगी। इसके लिए बड़ी संख्या में परिवीक्षकों और सुरक्षा बल की भी तैयारी हो रही है।
18 हजार पदों को मिली है स्वीकृति
एमपी का स्कूल शिक्षा विभाग 41 हजार पदों पर संविदा शिक्षकों को भर्ती करना चाहता है, लेकिन वित्त विभाग ने इतनी बड़ी संख्या में भर्ती पर अपात्ति उठाई थी, उसने महज 18 हजार पदों की भर्ती के लिए मंजूरी दी है।
चुनाव से पहले हो सकती है भर्ती
रिर्पोट्स के अनुसार राज्य सरकार चुनाव से पहले संविदा शाला शिक्षकों को भर्ती करना चाहती है। इसलिए प्रक्रिया को लेट करती जा रही है, क्योंकि मध्यप्रदेश में 2018 में विधानसभा चुनाव है।


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