मोबाइल वॉलेट पेटीएम ने एजेंटों की टीम का साइज डबल करने का प्लान बनाया है। वह देशभर में एक लाख ब्रांच खोलने की तैयारी में है। इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिर्पोट के अनुसार पेटीएम के यूजर्स को नो योर कस्टमर नॉर्म्स पूरा करने में आसानी होगी। पेमेंट कंपनी ने तीन साल में 50 करोड़ फुल केवाईसी कस्टमर्स का टारगेट तय किया है।
पेटीएम को इन नियमों का करना होगा पालन
पेटीएम खुद को पेमेंट्स बैंक में बदलने में लगा है। पेटीएम के अनुसार प्रीपेड इंस्ट्रमेंट्स या मोबाइल वॉलेट्स के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की गाइडलाइंस के चलते स्टैंडअलोन मोबाइल वॉलेट्स को केवाईसी के सख्त नॉर्म्स और एडिशनल रेग्युलेटरी रिक्वायरमेंट का पालन करना होगा जिससे उनकी स्थिति कमजोर हो जाएगी।
फिजिकली केवाईसी बढ़ाने के लिए जरुरी
पेटीएम पेमेंट्स बैंक की चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर के अनुसार हमारे पास पहले से ही 10,000 एजेंट हैं, जो केवाईसी नॉर्म्स पूरा करने में कस्टमर्स की मदद कर रहे हैं। फिजिकल केवाईसी की क्षमता बढ़ाने के लिए दो महीनों में 10,000 और एजेंट्स हायर करने का प्लान बनाया है। साथ ही 1 लाख बैंकिंग आउटलेट्स खोलेंगे जहां कस्टमर्स बायोमीट्रिक ऑथेंटिकेशन करा सकेंगे और दूसरी बैंकिंग फैसिलटी हासिल कर सकेंगे।
दी जाएगी बेसिक सर्विस
उन्होंने कहा कि हर एक बैंकिंग आउटलेट दो तीन लोगों वाली मिनी ब्रांच और बिजनेस कॉरस्पॉडेंस के नेटवर्क का कॉम्बिनेशन होगी। इनमें बेसिक सर्विस दी जाएगी और कंपनी के कस्टमर्स की केवाईसी कॉरमैलिटी पूरी होगी। आरबीआई ने पिछले सप्ताह ही मोबाइल वॉलेट यूजर्स के लिए फुल केवाईसी नॉर्म्स जरुरी बना दिया था। उसने साथ ही पीपीआई लाइसेंस के अप्लिकेशन के लिए मिनिमम नेटवर्थ बढ़ा दी थी।
डिजिटल वॉलेट बिजनेस को करेगा मजबूत
इकोनॉमिक्स टाइम्स ने अपने रिर्पोट में आगे जानकारी देते हुए बताया है कि इंडस्ट्री ने डिजिटल वॉलेट बिजनेस को मजबूत बनाने के लिए आरबीआई के उठाए कदमों की सराहना की है। हालांकि कुछ कंपनियों का कहना है कि नए नॉर्म्स से अलग पेमेंट बैंक की अवधारणा खत्म हो जाएगी।


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