नीति आयोग का कहना है कि वह राज्यों के साथ मिलकर अनुबंध खेती, आनलाइन हाजिर और वायदा कारोबार के अलावा निजी निवेश को प्रोत्साहित करने सहित कृषि बाजार क्षेत्र के सुधारों के लिए काम कर रहा है। आयोग का कहना है कि इन सब प्रयासों का मकसद वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करनी है।

इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देशों के बाद कृषि क्षेत्र में रूपांतरण के लिए एक व्यापक एजेंडा तैयार किया गया है। वर्ष 1991 में शुरू आर्थिक सुधारों के बाद अन्य क्षेत्रों की तरह कृषि क्षेत्र में ज्यादा सुधार नहीं हो पाये।
कृषि व्यवसाय के विकास को आगे बढ़ाने में डिजिटल प्रौद्योगिकी की भूमिका पर नास्कॉम यस बैंक के एक आयोजन में नीति आयोग के सदस्य रमेश चन्द ने कहा कि कृषि क्षेत्र में नियामकीय सुधार इस दौरान धीमा और विचित्र रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्य ध्यान बाकी चीजों के अलावा कृषि उपस्करों और शीत श्रृंखलाओं में निजी क्षेत्र के निवेश को सुविधा एवं सहायता देने पर दिया जा रहा है।
चन्द ने कहा कि सुधार के पहले चरण में ठेका खेती को प्रोत्साहित किये जाने की आवश्यकता है और जिसके लिए एक मॉडल कानून तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा, उम्मीद है, हम दोनों को मिलाने में कामयाब होंगे तथा मॉडल ठेका खेती के अंतिम स्वरूप लेकर सामने आयेंगे जिसे राज्यों द्वारा अपनाने के लिए उनके साथ साझा किया जायेगा।


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