वित्त एवं कारपोरेट मामलो के मंत्री अरुण जेटली ने आज 'इंडिया अपॉरचुनिटी' पर फिक्की द्वारा आयोजित चर्चा-सम्मेलन में हिस्सा लिया। वित्तमंत्री ने भारत में चलने वाले महत्वपूर्ण सुधारों पर बोलते हुए कहा कि इन सुधारों से संरचना परिसंपत्तियों में अनेक अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा क्रियान्वित ढांचागत सुधारों के आधार पर भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत, सतत और संतुलित विकास की ओर उन्मुख है।

इसके अलावा ऐसे प्रमाण भी मिल रहे हैं कि विमुद्रीकरण और जीएसटी के मंदी प्रभाव कमोबेश समाप्ति की ओर अग्रसर हैं। भारत सरकार द्वारा उठाए जाने वाले सुधारात्मक कदमों के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास गति तेज हो चुकी है। जेटली ने कहा कि 2015-16 की तुलना में 2016-17 के दौरान सीधा विदेशी निवेश बढ़ गया है, जिससे पता चलता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में दुनिया का भरोसा बढ़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली अन्य संस्थानों सहित विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की वार्षिक बैठकों में शामिल होने के लिए इस समय अमेरिका के एक हफ्ते के दौरे पर हैं। उनके साथ भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डॉ. उर्जित पटेल, आर्थिक मामलो के विभाग के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग और अन्य अधिकारी भी गए हैं।


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