देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने आज कहा कि उसने अपने सूक्ष्म, लघु एवं मझाोले (MSME) ग्राहकों को अल्पकालिक कार्यशील लोन प्रदान करने के लिये एक नया उत्पाद पेश किया है।
नए उत्पाद को एसएमई असिस्ट नाम दिया गया है, इसके तहत एमएसएमई ग्राहकों को माल एवं सेवा कर के तहत फंसे इनपुट क्रेडिट दावों के आधार पर श्रण दिया जाएगा। बैंक ने बयान में कहा कि ग्राहकों को लोन रियायती ब्याज दर पर मिलेगा।

बैंक के मुख्य महाप्रबंधक एसएमई वी रामलिंग ने आज यहां अपने बयान में कहा, यह उत्पाद सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योगों को इनपुट क्रेडिट प्राप्त होने तक उनकी कार्यशील पूंजी की आवश्यकता का मैनेजमेंट करने में मदद करेगा। इससे SME उद्योगों को बिना किसी रुकावट के कार्य करने में मदद मिलेगी।
इस योजना के तहत लोन प्रोसेस फीश 2,000 रुपये है। लोन के आवेदन के लिये कंपनियों को चार्टर्ड अकाउंटेंट से इनपुट क्रेडिट दावों की पुष्टि वाला प्रमाण पत्र देना होगा।
बैंक ने कहा कि इस योजना के तहत एसएमई लोन लेने वालों को तीन महीने की अवधि की स्थगन अवधि दी जायेगी। स्थगन अवधि बीत जाने के बाद एसएमई ग्राहकों को एक साथ या अगले 6 महीनों में 6 किस्तों में पूरी राशि का भुगतान करना होगा। बैंक के एसएमई ग्राहक 31, मार्च 2018 तक लोन ले सकते हैं।


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