तेल की बढ़ती कीमतें और उसे जीएसटी के अंतरगत लाने के लिए अब पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने हड़ताल का एलान कर दिया है। पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने 13 अक्टूबर को दिनभर हड़ताल का एलान किया है। खबरों के मुताबिक पेट्रोल पंप ऑपरेटर संघ के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। जिसके मुताबिक सभी पेट्रोल पंप डीलरों के तीन राष्ट्रव्यापी संगठनों के अम्ब्रेला संगठन, फेडरेशन ऑफ महाराष्ट्र पेट्रोल डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष उदय लोध ने कहा कि संयुक्त पेट्रोलियम मोर्चा की पहली संयुक्त बैठक में यह मुद्दा उठाया गया, जिसमें यह फैसला लिया गया है।
पेट्रो पदार्थों को GST के अंतरगत लाने की अपील
लोध ने कहा, "सभी पेट्रोलियम पदार्थों को अनिवार्य रूप से वस्तु एवं सेवा कर (GST) शासन के तहत लाया जाना चाहिए, ताकि हमारी लंबे समय से लंबित 'एक देश एक कर' की मांग पूरी हो, जिससे ग्राहकों को फायदा होगा।"
किसी का फायदा नहीं
एफएएमपीईडीए के अध्यक्ष उदय लोध ने जुलाई से लागू दैनिक मूल्य संशोधन ढांचे की समीक्षा की मांग की और कहा कि यह ना तो ग्राहकों और न ही डीलरों के लिए फायदेमंद है।
होम डिलेवरी खतरनाक!
लोध के मुताबिक, प्रस्तावित पेट्रोलियम पदार्थों की 'होम डिलिवरी' सुविधा से कई सुरक्षा चिंताएं जुड़ी हैं, जिसके कारण कई गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं। इसलिए इस पर पुनर्विचार की जरूरत है।
एसोसिएशन की मांगे
पेट्रोल पंपों की अन्य प्रमुख मांगों में साल 2016 के चार नवंबर को तेल विपणन कंपनियों के साथ हस्ताक्षरित लंबित समझौते के कार्यान्वयन में विपणन अनुशासन दिशानिर्देशों के तहत लगाए गए अनुचित दंड को खत्म करना और अनुमोदन के बाद भी लंबित डीलर मार्जिन शामिल है।
अनिश्चितकालीन राष्ट्रव्यापी हड़ताल की चेतावनी
लोध ने कहा, "अगर हमारी मांगें नहीं मानी जाती हैं तो पहले कदम के तौर पर देश भर के 54,000 पेट्रोल पंप 13 अक्टूबर को खरीद-बिक्री बंद रखेंगे। अगर हमारी मांगें फिर भी नहीं मानी जाती हैं तो हम 27 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन राष्ट्रव्यापी हड़ताल करेंगे।"


Click it and Unblock the Notifications