जो लोग कोका-कोला इंडिया में काम करते हैं उनके लिए यह अच्छी खबर है। कोका-कोला इंडिया के मैनेजर्स पर अब एनुअल परफॉरमेंस रिव्यू को पूरा करने का दबाव नहीं होगा। पैरेंट कंपनी के ग्लोबल विजन के साथ तालमेल बिठाने के लिए कोका-कोला इंडिया ने अपने परफॉरमेंस मैनेजमेंट सिस्टम में बदलाव किया है और अब अप्रेजल हर महीने हो रहा है।
जीई और Microsoft ने की थी शुरुआत
सबसे पहले जीई और Microsoft जैसी कंपनियां परफॉर्मेंस रेटिंग के साथ आगे बढ़े थे, अब कोका कोला ने मंथली फीडबैक मैकेनिज्म का बड़ा कदम उठाया है। बेवरेज कंपनी ने तेज वर्किंग स्टाइल को अपनाया है जहां मैनेजर्स और कर्मचारियों के बीच हर महीने हो रही बातचीत से यह देखा जा रहा है कि कोई सही ट्रैक पर है या फिर कुछ सुधार की जरुरत है।
कॉर्पोरेट बिजनेस यूनिट के कर्मचारियों पर लागू होगा नया नियम
नया सिस्टम कोका-कोला इंडिया के कॉर्पोरेट बिजनेस यूनिट के कर्मचारियों पर लागू होगा। जिसके करीब 300 असोसिएट्स हैं। पिछले 7 महीनों में करीब 80-85% मैनेजर्स नए सिस्टम से तालमेल कर चुके हैं और हर महीने फीडबैक दे रहे हैं।
आसान हो जाएगी प्रक्रिया
कोका-कोला इंडिया में करीब 25,000 कर्मचारी हैं। धीरे-धीरे नए सिस्टम को आगे बढ़ाया जाएगा। अब यहां पर सालाना आधार पर होने वाले प्रोसेस को खत्म कर दिया है, जिसमें लंबे फॉर्म भरने पड़ते थे। कर्मचारियों के पास अब बदलाव लाने के लिए बराबरी की आवाज है।


Click it and Unblock the Notifications