जीएसटी काउंसिल के अंतर्गत होने वाली बैठक में आज छोटे कारोबारियों की शिकायतों को दूर करने के लिए केंद्र सरकार शुक्रवार को जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में बड़ा ऐलान कर सकती है। राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली की मीटिंग में निर्यातकों को राहत देते हुए वर्चुअल कंरेसी के जरिए टैक्स के इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट का ऐलान किया जा सकता है। इसके अलावा छोटे एवं मझोले उद्योगों को राहत देते हुए जीएसटी लागू करने की प्रक्रिया की सुधार के लिए कुछ फैसले लिए जा सकते हैं।
सीमांत एवं लघु उद्योगों को भी मिल सकती है राहत
यह भी माना जा रहा है कि मोदी सरकार की ओर से सीमांत एवं लघु उद्योगों को बड़ी राहत दी जा सकती है, क्योंकि कहा जा रहा है कि जीएसटी का सबसे ज्यादा असर इसी पर हुआ है। केंद्र एवं राज्य सरकार के वित्त मंत्रियों की बैठक में 1.5 करोड़ रुपए तक के टर्नओवर वाले कारोबारियों को तिमाही रिटर्न की अनुमति दी जा सकती है।
मोदी ने दिया था संकेत
इसके अलावा कंपोजिशन स्कीम के लिए 75 लाख की सीमा को बढ़ाकर 1 करोड़ रुपए किया जा सकता है। इससे छोटे कारोबारियों को मदद मिलेगी और वह बिना तीन स्तरीय फाइलिंग प्रोसेस के रिटर्न फाइल कर सकेंगे। बुधवार को भी पीएम मोदी ने जीएसटी में छोटे कारोबारियों को राहत देने के संकेत दिए थे।
हसमुख आधिया ने भी दी थी जानकारी
आपको बता दें कि रेवेन्यू सेक्रटरी हसमुख अधिया ने भी जीएसटी काउंसिल की बैठक में छोटे कारोबारियों और निर्यातकों को राहत दिए जाने वाले फैसले लिए जाने संकेत दिए थे। गौरतलब है कि दशहरे के अपने संबोधन में आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने भी सरकार को छोटे कारोबारियों और किसानों के हितों का ख्याल रखने की सलाह दी थी। बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा था कि उनकी सरकार लकीर की फकीर नहीं है, इसलिए जरुरत के मुताबिक जीएसटी में सारे सुधार किए जाएंगे।


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