शराब कारोबारी विजय माल्या को लंदन में गिरफ्तार कर लिया गया है। भगोड़े विजय माल्या पर बैंकों का 8,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज है। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक टीम भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ आरोप-पत्र जमा करने के लिए लंदन पहुंची थी। यह कदम माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर उठाया गया था। ईडी का यह कदम माल्या के खिलाफ चल रही जांच का हिस्सा है। वहीं ये भी खबरों आ रही हैं कि विजय माल्य को हिरासत में लेने के बाद ही थोड़ी देर बाद जमानत मिल गई।
5,500 पृष्ठ का आरोप-पत्र
समाचार पोर्टल जी न्यूज ने एक अधिकारी के हवाले से खबर प्रकाशित करते हुए लिखा है कि, ईडी टीम लंदन में विजय माल्या के खिलाफ क्राउन प्रोसीक्यूशन कार्यालय के समक्ष 5,500 पृष्ठ के आरोप-पत्र व कुछ अन्य दस्तावेज जमा करने के लिए पहुंची थी। क्राउन प्रोसीक्यूशन कार्यालय माल्या के प्रत्यर्पण के मामले को लड़ रहा है। ईडी अधिकारी ने कहा कि आरोप पत्र में इस बात का विवरण है कि कैसे माल्या ने आईडीबीआई बैंक से प्राप्त 900 करोड़ रुपये कर्ज की राशि को भारत के अपने समूह की कंपनियों और कई दूसरे देशों में फर्जी कंपनियों के माध्यम से इस्तेमाल किया।
भगोड़ों की लिस्ट में है माल्या का नाम
बैंकों के 9,000 करोड़ रुपये के कर्जदार माल्या बीते साल मार्च में भारत से ब्रिटेन भाग गए। भारत उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है, जिसकी प्रक्रिया चल रही है और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) तथा केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) प्रक्रिया की रूपरेखा प्रस्तुत कर रहे हैं।
पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार (14 जून) को मुंबई के एक विशेष अदालत में, बंद कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस द्वारा आईडीबीआई बैंक के 900 करोड़ रुपये के कर्ज को नहीं चुकाने के मामले में भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या और अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था।
ईडी की रिपोर्ट
ईडी ने 57 पृष्ठों के आरोप पत्र में उन तरीकों का विस्तृत उल्लेख किया है, जिसके जरिए कर्ज को मंजूरी दी गई और उसके बाद नियमों को तोड़ते हुए उस धन को अलग-अलग जगह भेज दिया गया (धन शोधन)। साल 2016 के मार्च में ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डरिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत आईडीबीआई कर्ज के मामले में किंगफिशर एयरलाइंस के खिलाफ मामला दर्ज किया था।


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