देश में टैक्स बेस को बढ़ाने की सरकार की योजना के तहत आयकर विभाग ने मौजूदा वित्त वर्ष में 1.25 करोड़ नए करदाता जोड़ने का लक्ष्य रखा है। आयकर विभाग के लिए नीतियां बनाने वाली शीर्ष इकाई केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने विभाग को निर्देश दिया है कि वित्त वर्ष 2017-18 में कर आधार को बढ़ाने के लिए वह केंद्रित प्रयास करे। बोर्ड के निर्देशों का आकलन करने पर सामने आया है कि आयकर विभाग को 1.25 करोड़ नए आयकर रिटर्न दाखिलकर्ता जोड़ने का लक्ष्य दिया गया है।
जिन्होंने कोई रिटर्न दाखिल नहीं किया है उसे जोड़ने का लक्ष्य
नए आयकर रिटर्न दाखिलकर्ता की परिभाषा के अनुसार यह रिटर्न दाखिल करने वाले ऐसे लोग या कंपनियां इत्यादि हैं जिन्होंने पिछले वर्षों में कोई रिटर्न दाखिल नहीं किया है लेकिन कानून के तहत उन पर ऐसा करने की जिम्मेदारी है। आयकर विभाग को ऐसी ही इकाइयों को जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
सबसे ज्यादा लक्ष्य हैदराबाद और पुणे के पास
इसमें सबसे ज्यादा लक्ष्य आयकर विभाग के हैदराबाद और पुणे क्षेत्र को दिया गया है। इन्हें क्रमश: 12.8 लाख और 11.8 लाख नए रिटर्न दाखिलकर्ता जोड़ने हैं। इसके बाद 10.47 लाख के साथ चेन्नई और 10.41 लाख के साथ चंडीगढ़ का स्थान आता है।
वित्त मंत्री ने दिया था बयान
गौरतलब है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कुछ दिन पहले ये बयान दिया था कि नोटबंदी के बाद टैक्स देने वालों की संख्या बढ़ गई है। इसके साथ ही टैक्स बेस में भी बढ़ोतरी हुई है।


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