समाचार चैनल NDTV ने उसके बेचे जाने की खबरों का खंडन किया है। एनडीटीवी की मैनेजिंग एडिटर और डायरेक्टर ऑफ सट्रेटेजी सुपर्णा सिंह ने इस बारे में ट्वीट करके जानकारी दी है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि, NDTV ने BSE से कहा है कि, मालिकाना हक को लेकर किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है।'
पहले आई थी बिकने की खबरें
इससे पहले ऐसी खबरें तेजी से फैलीं कि, समाचार चैनल एनडीटीवी का मालिकाना हक अब स्पाइस जेट के अजय सिंह के हाथों में आ गया है और अजय सिंह एनडीटीवी के नए प्रमोटर होंगे और सबसे बड़े शेयर होल्डर भी। ये खबर समाचार पत्र इंडियन एक्सप्रेस के हवाले से तमाम समाचार माध्यमों के जरिए प्रकाशित की गई थी।
डील फाइनल होने की खबरें
खबरें थी कि, डील फाइनल हो चुकी है, अब अजय सिंह के पास एनडीटीवी ग्रुप के एडिटोरियल का भी अधिकार होगा। खबरों के मुताबिक अजय सिंह एनडीटीवी द्वारा लिए गए 400 करोड़ रुपए के कर्ज को चुकाएंगे। ये सौदा करीब 600 करोड़ रुपए का बताया जा रहा है। खबरों के अनुसार इस डील से करीब 100 करोड़ रुपए की राशि रॉय दंपति को मिल सकती है।
पहले क्या थी खबरें
जनसत्ता ऑनलाइन ने इस बारे में खबर प्रकाशित करते हुए लिखा था कि, इंडियन एक्सप्रेस ने जब एनडीटीवी के सूत्र से पूछा कि क्या चैनल स्पाइसजेट के अजय सिंह को बेचा जा चुका है? तो जवाब मिला, "हाँ, सौदा पक्का हो चुका है और संपादकीय अधिकार के साथ चैनल का नियंत्रण अजय सिंह के हाथ में होगा।" इसी साल पांच जून को सीबीआई ने रॉय दंपति के निवास और दफ्तर पर कथित तौर पर बैंक लोन न चुकाने से जुड़े मामले में छापा मारा था।
शेयर भी बांट दिए थे
इस डील के बाद एनडीटीवी के 40 फीसदी शेयर अजय सिंह के पास होंगे जबकि 20-20 फीसदी शेयर प्रणव रॉय और राधिका रॉय के पास रहेंगे। बंबई स्टॉक एक्सचेंज के मुताबिक कंपनी के 38.55 फीसदी शेयरों की हिस्सेदारी सार्वजनिक शेयर धारकों के पास है, जबकि 61.45 फीसदी हिस्सेदारी प्रमोटरों के पास है। यह आंकड़े जून 2017 तक के हैं।
NDTV का स्पष्टीकरण
अब खुद एनडीटीवी ने ही इस खबर पर अपना स्पष्टीकरण देकर सबकुछ साफ कर दिया है। इसके साथ ही एनडीटीवी की हिस्सेदारी बेचे जाने की खबरों पर ब्रेक लग गया है।


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