भारत में आयकर, इनकम टैक्स के 5 से लेकर 30 फीसदी तक टैक्स स्लैब हैं। हर साल लाखों लोग ये टैक्स जमा करते हैं। देश में ये प्रक्रिया मार्च से लेकर जुलाई तक चलती रहती है। पर दुनिया के कुछ देश ऐसे भी हैं जहां किसी तरह का आयकर यानि कि इनमक टैक्स नहीं देना पड़ता है। आइए एक नजर डालते हैं ऐसे देशों की लिस्ट पर जहां आय पर किसी तरह का कर नहीं लगता है।
कतर
फारस की खाड़ी के किनारे बसा ये शहर अपनी शानों-शौकत और बेहतरीन आर्किटेक्चर के लिए प्रसिद्ध है। कतर में सरकार की आय तेल और गैस से होती है। कतर को दुनिया के अमीर देशों में गिना जाता है। यहां की जीडीपी तेल और गैस के निर्यात पर ही निर्भर है। कतर में किसी को भी आयकर नहीं देना पड़ता है।
ओमान
ओमान की सीमाएं अरब सागर से जाकर मिलती हैं। ओमान अरबी प्रायद्वीप के दक्षिण पूर्व में स्थित एक देश है। यहां भी नागरिकों से किसी तरह का आयकर नहीं लिया जाता है। ओमान भी तेल और गैस का निर्यात करता है, यहां के नागरिक सोशल सिक्योरिटी बेनिफिट्स में अपना योगदान जरूर देते हैं।
संयुक्त अरब अमीरात
संयुक्त अरब अमीरात में आपको दुनिया की बेहतरीन कारीगरी, ऊंची इमारतें और हैरान कर देने वाले आर्किटेक्चर दिखेंगे। UAE के जैसा आर्किटेक्चर जैसा आर्किटेक्चर दुनिया में और कहीं भी नहीं है। यहां की जीडीपी तेल और गैस के निर्यात के साथ-साथ पर्यटन पर भी आधारित है। UAE में प्रति व्यक्ति आय उच्चतम है। यहां पर भी किसी से आयकर या फिर कैपिटल टैक्स नहीं लिया जाता है।
सऊदी अरब
एक और अरब देश जहां लोगों से आयकर या इनकम टैक्स नहीं लिया जाता है। हालांकि यहां पर लोगों से सोशल सिक्योरिटी पेमेंट्स और कैपिटल गेन टैक्स लिया जाता है। सउदी अरब भी तेल और गैस का बड़ा निर्यातक है और इस देश की अर्थ-व्यवस्था इसी पर टिकी है।
बहरीन
बहरीन में भी लोगों से आयकर नहीं लिया जाता है। हालांकि नागरिकों को उनकी आय का 7 प्रतिशत तक का हिस्सा सोशल सिक्योरिटी में देना होता है। जबकि अप्रवासिको उनकी आय का 1 फीसदी हिस्सा सोशल सिक्योरिटी में देना होता है। बहरीन में किराए पर घर देने, स्टाम्प ड्यूटी और रियल स्टेट के ट्रांसफर पर टैक्स देना होता है।
कुवैत
एक अन्य मिडिल ईस्ट का देश कुवैत, यहां भी लोगों सो आयकर या इनकम टैक्स नहीं देना होता है। पर, लोगों को सोशल सिक्योरिटी के लिए निर्देशित राशि जमा करनी होती है।
बारमूडा
बारमूडा का नाम, बारमूडा ट्राएंगल के जिक्र के वक्त आता है पर आपको बता दें कि बारमूडा ब्रिटिश शासन के अधीन है और ये ब्रिटेन के प्रवासी क्षेत्र है। ये दुनिया की सबसे महंगी जगहों में से एक है। यह अटलांटिक महासागर के बीचो-बीच स्थित एक छोटा सा टापू है जो नक्शे पर आपको शायद ही दिखे। ये टापू चारो तरफ समुद्र से घिरा है और यहां ज्यादातर लोग छुट्टियां बिताने आते हैं। यहां पर किसी तरह का इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता है। हालांकि यहां पेरोल टैक्स, सोशल सिक्योरिटी टैक्स, प्रॉपर्टी टैक्स देना होता है साथ ही 25 फीसद तक कस्टम ड्यूटी देनी होती है।
केमैन आइलैंड्स
केमैन आइलैंड्स भी ब्रिटिश शासन के अधीन है। क्यूबा और कैरेबियन द्वीप समूह से दूर ये आइलैंड समुद्र के बीचोबीच स्थित है। यहां भी लोगों को इनकम टैक्स और कैपिटल टैक्स नहीं देना होता है। इसके अलावा यहां पर सोशल सिक्योरिटी के लिए राशि देना जरूरी नहीं है, आप चाहें तो दे या न दें। हालांकि यहां पर इंपोर्ट ड्यूटी देनी पड़ती हो जिसकी रेंज 25 फीसदी है।
बहामास
टूरिज्म के लिहाज से बहामास से बेहतर कुछ भी नहीं है। दुनिया के सबसे खूबसूरत बीच और हरे रंग की समुद्री छटा सिर्फ बहामास में ही दिखती है। यहां भी लोगों को आयकर नहीं देना पड़ता है। हालांकि यहां इंपोर्ट ड्यूटी, नेशनल इंश्योरेंश और प्रॉपर्टी टैक्स देना पड़ता है।
मोनाको
दुनिया का दूसरा सबसे छोटा देश मोनाको है। यह यूरोप में स्थित हैं, यहां से स्विट्जरलैंड, फ्रांस और इटली नजदीक हैं। फ्रांस सटे होने के कारण यहां पर फ्रेंच भाषा बोली और लिखी जाती है, फ्रेंच ही यहां की राजभाषा है। मोनाकों में करोड़पतियों लोगों के रहने का धनत्व सबसे ज्यादा है। यहां लोगों से आयकर नहीं लिया जाता है, जब तक कि वह फ्रेंच हैं।
हांगकांग
हांगकांग चीन के क्षेत्राधिकार में आता है। यहां पर भी लोगों से आयकर नहीं लिया जाता है, पर यहां वेतन पर टैक्स लगता है साथ ही बिजनेस में लाभ होने पर भी टैक्स देना पड़ता है इसके अलावा अगर किराए पर कोई घर देता है तो उससे होने वाली आय पर भी टैक्स है।


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