सरकार ने शनिवार को जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि एक बार और बढ़ाने की संभावना से इनकार कर दिया और लोगों को सलाह दी कि अंतिम तिथि का इंतजार नहीं करें और उससे पहले रिटर्न दाखिल कर दें।
करदाताओं को दिया गया 6 महीने का वक्त
राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने आईटी गड़बड़ियों के निदान के लिए बनाई गई मंत्रियों की समिति (जीओएम) की यहां पहली बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, "हमने जीएसटी फाइलिंग के लिए पहले ही काफी समय दिया है। कम से कम छह महीनों के लिए करदाताओं को वक्त दिया गया है ताकि वे अपना आकलन दाखिल कर सकें। इसके बाद कोई विस्तार नहीं दिया जाएगा।"
दिसंबर तक का दिया वक्त
जीएसटी परिषद ने व्यापारियों को जीएसटीआर-3बी दाखिल करने के लिए दिसंबर तक का वक्त दिया है, ताकि वे अपनी बिक्री और खरीद का खुद आकलन कर दाखिल कर सकें।
बड़े पैमाने पर कोई गड़बड़ी नहीं है
हसमुख आधिया ने कहा कि, "शुरुआती गड़बड़ी है, लेकिन बड़े पैमाने पर कोई गड़बड़ी नहीं है। शुरुआती मुद्दों को हल करने की जरूरत है। हमने इस संबंध में कार्ययोजना बनाई है।"
30 अक्टूबर तक दूर हो जाएंगी कमियां
बिहार के उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता सुशील कुमार मोदी इस जीओएम के प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि 30 अक्टूबर तक 70-80 फीसदी तकनीकी गड़बड़ियों को दूर कर लिया जाएगा। आईटी कंपनी इंफोसिस जीएसटीएन की आईटी अवसंरचना की देखभाल करती है।


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