देश में पहली बार बुलेट ट्रेन परियोजना की शुरुआत हो रही है। केंद्र की मोदी सरकार जापान की मदद से देश में पहली बुलेट ट्रेन चलाने का मन बना चुकी है। इसके लिए जापान भी खुलकर भारत की मदद के लिए आगे आया है। जापान की टीम ने सर्वे, रेल लाइन, तकनीक और बुलेट ट्रेन से जुड़ी हर जरूरी चीजों में मदद का आश्वासन दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके जापानी समकक्ष शिंजो आबे 14 सितंबर को बहुप्रतीक्षित बुलेट ट्रेन परियोजना की आधारशिला रखेंगे।
13 सितंबर को भारत आएंगे पीएम शिंजो आबे
आपको बता दें कि जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे 13 सितंबर को भारत आ रहे हैं। प्रधानमंत्री शिंजो आबे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दोस्ती के बारे में दुनिया जानती है। पीएम मोदी ने अपने विदेशी दौरों में सबसे अधिक समय जापान में बिताया है। पीएम बनने के बाद मोदी 5 दिवसीय जापान यात्रा पर गए थे। जहां दोनों देशों के बीच स्मार्ट सिटी, नदियों की सफाई और बुलेट ट्रेन समेत कई मुद्दों पर सहमति बनी थी साथ ही जापान ने 35 अरब डॉलर निवेश का समझौता भी किया था। इसके अलावा दोनों देशों के बीच असैन्य परमाणु समझौता भी हुआ है।
पीएम शिंजो आबे का ग्रैंड वेलकम करेंगे पीएम मोदी
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दोस्त के स्वागत के लिए विशेष तैयारियां की हैं। प्रधानमंत्री शिंजो आबे दो दिवसीय दौरे पर भारत आ रहे हैं। शिंजो आबे सीधे अहमदाबाद एयरपोर्ट पर उरतेंगे जहां से पीएम मोदी और शिंजो आबे दोनों लोग 8 किलोमीटर लंबा रोड शो करेंगे। ये रोड शो एयरपोर्ट से लेकर साबरमती आश्रम तक चलेगा। इसके बाद दोनों नेता सिद्धि सैयद मस्जिद जाएंगे और फिर प्रसिद्ध अगाशिए रेस्टोरेंट में भोजन करेंगे।
दूसरी बार भारत दौरे पर आ रहे हैं पीएम शिंजो आबे
इससे पहले भी जब शिंजो आबे भारत के दौरे पर आए थे तो उन्होंने वाराणसी का दौरा किया था। दोनों नेताओं ने प्रसिद्ध गंगा आरती के दर्शन किए थे। आपको बता दें कि वाराणसी और जापान का क्योटो शहर सिस्टर सिटीस हैं और वाराणसी को क्योटो की तरह साफ-सुथरा करने की पहल पर काम चल रहा है।
कम होगा बुलेट ट्रेन का किराया
वहीं बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि वह किराए को कम रखेंगे ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग बुलेट ट्रेन में सफर कर सकें। उन्होंने कहा कि, ‘‘हम निश्चित तौर पर किराया वहन करने लायक रखेंगे, अगर यात्री हवाई टिकट के लिए कम पैसे दे रहे हैं तो वे बुलेट ट्रेन से क्यों सफर करेंगे? इसलिए हमें प्रतिस्पर्धात्मक होना होगा।'' अधिकारियों के अनुसार बुलेट ट्रेन में दो श्रेणियों - एक्जीक्यूटिव और इकोनॉमी - की सीटें होंगी और किराया राजधानी एक्सप्रेस के एसी 2-टियर किराये के बराबर होगा।
गतिमान दौड़ी, टैल्गो का ट्रायल जारी
बुलेट ट्रेन के अलावा भारत में सेमी हाईस्पीड ट्रेन का ट्रायल शुरु हो चुका है। इसमें टैल्गो ट्रेन, गतिमान एक्सप्रेस शामिल हैं। टैल्गो ट्रेन को स्पेन के साथ मिलकर चलाया जा रहा है जिसकी स्पीड 200-250 किलोमीटर प्रतिघंटा रहेगी वहीं भारत की गतिमान एक्सप्रेस ट्रेन 150 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से दौड़ रही है। गतिमान एक्सप्रेस का ट्रायल पूरा हो चुका है और ये ट्रेन दिल्ली से आगरा के बीच चल रही है जो ये पूरा सफर 100 मिनट में पूरा कर लेती है।


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