आम इस्तेमाल की 30 वस्तुओं पर GST की दरों में शनिवार को कटौती की गई, जबकि मध्य और उच्च श्रेणी की कारों पर सेस में बढ़ोतरी की गई। साथ ही रिटर्न दाखिल करने में आ रही तकनीकी गड़बड़ियों को देखने के लिए एक पांच-सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। वस्तु एवं सेवा कर परिषद (GST) की हैदराबाद हुई बैठक में यह फैसला लिया गया है। इस बैठक में जुलाई का GSTआर-1 रिटर्न दाखिल करने की तिथि 10 अक्टूबर तक बढ़ाने का भी फैसला किया गया है।
30 सामानों पर कर की दरों में कटौती
GST लागू करने के बाद हुई दूसरी समीक्षा बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि फिटमेंट समिति की सिफारिशों के बाद आम आदमी के इस्तेमाल के करीब 30 सामानों पर कर की दरों में कटौती की गई है, जिसमें रेनकोट, रबरबैंड, इडली-डोसा का घोल शामिल है। खादी स्टोर में मिलने वाले खादी कपड़ों को खादी और ग्रामोद्योग अधिनियम 1956 (केवीआईसी) के तहत GST से छूट दी गई है।
वाहनों पर सेस
वाहनों पर सेस की दरों में वृद्धि के बारे में उन्होंने कहा कि छोटी कारों (पेट्रोल और डीजल), हाइब्रिड कारों और 13 सीट वाले वाहनों की दरों में जहां कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है, वहीं कुछ श्रेणीों में सेस दरों में बढ़ोतरी की गई है। वित्तमंत्री ने कहा कि मध्यम श्रेणी की कारों पर GST सेस में 2 फीसदी, बड़े श्रेणी की कारों पर 5 फीसदी और एसयूवी पर 7 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है।
तकनीकी गड़बड़ियों को देखने के लिए पांच-सदस्यीय समिति का गठन
मंत्री ने कहा कि करदाताओं की तरफ से रिटर्न दाखिल करने में GST पोर्टल पर आ रही परेशानी की शिकायत की गई है। इसलिए परिषद ने तकनीकी गड़बड़ियों को देखने के लिए पांच-सदस्यीय समिति का गठन किया है। उन्होंने कहा कि जुलाई का GSTआर-1 दाखिल करने की तिथि रविवार को खत्म हो रही थी, जिसे 10 अक्टूबर तक एक महीने के लिए बढ़ा दिया गया है।
फिर बढ़ी रिटर्न दाखिल करने की सीमा
जेटली ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, "काम बहुत बड़ा है, इसलिए परिषद ने रिर्टन दाखिल करने के लिए नई समयसीमा तय की है। सिस्टम पर लोड काफी अधिक है, इसलिए हम करदाताओं को पर्याप्त समय देना चाहते हैं।"
रिर्टन दाखिल करने के लिए नई समयसीमा तय
जेटली ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, "काम बहुत बड़ा है, इसलिए परिषद ने रिर्टन दाखिल करने के लिए नई समयसीमा तय की है। सिस्टम पर लोड काफी अधिक है, इसलिए हम करदाताओं को पर्याप्त समय देना चाहते हैं।"
प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में क्षणिक चुनौतियां
उन्होंने कहा, "प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में क्षणिक चुनौतियां हैं। परिषद ने एक समिति के गठन का फैसला किया है, जिसकी घोषणा एक-दो दिन में कर दी जाएगी। इसमें मंत्रियों के साथ मिलकर काम किया जाएगा, जो GST के साथ बातचीत करेंगे, ताकि सुचारू बदलाव सुनिश्चित किया जाएगा।"
लोड के कारण तकनीकी गड़बड़ियां देखी गई
परिषद ने GST नेटवर्क (GSTएन) प्लेटफार्म की कार्यपद्धति की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया। GSTएन के अधिकारियों ने परिषद के सदस्यों के सामने एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। जेटली ने कहा कि पोर्टल पर दो-तीन मौकों पर अधिक लोड के कारण तकनीकी गड़बड़ियां देखी गई।
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