आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन हर दिन नए-नए खुलासे कर रहे हैं। अब रघुराम राजन ने कहा है कि वह नोटबंदी के दौरान अमेरिका से भारत सिर्फ नोट बदलवाने के लिए आए थे। राजन ने कहा कि उन्हें केंद्र सरकार के नोटबंदी के कार्यक्रम की कोई जानकारी नहीं थी। राजन ने बातें एक कार्यक्रम के दौरान कहीं।
नोट बदलवाने भारत आना पड़ा था: राजन
राजन ने बताया कि वह कुछ नोट लेकर अमेरिका गए थे जिसे बदलवाने के लिए उन्हें भारत आना पड़ा। साथ ही राजन ने ये भी कहा कि वह कभी नोटबंदी के पक्ष में नहीं रहे।
नोटबंदी से सिर्फ तात्कालिक लाभ मिला: राजन
राजन के मुताबिक नोटबंदी एक तात्कालिक फायद है लेकिन इसके नुकसान दीर्घकालिक हैं। आपको बता दें कि राजन का कार्यकाल 4 सितंबर 2016 को पूरा हो गया था।
बुनियादी विकास पर जोर दे भारत
वहीं नोटबंदी और जीएसटी के बाद जीडीपी ग्रोथ गिरने पर राजन ने कहा कि, भारत को तीन क्षेत्रों में ध्यान केंद्रित करना चाहिए। ये तीन क्षेत्र बुनियादी ढांचे का विकास, बिजली एवं निर्यात हैं।
भारत लौटना चाहते हैं राजन
वहीं राजन ने से भारत लौटने और भारत सरकार के साथ काम करने को लेकर एक सवाल किया गया, जिसके जवाब में पूर्व आरबीआई गवर्नर ने कहा कि अगर उन्हें बुलाया जाता है और ऐसा काम दिया जाता है जिससे बड़ा बदलाव हो सके तो वह जरूर वापस आएंगे।
किसी सरकार से कोई विरोध नहीं रहा
इससे पहले रघुराम राजन ने अपनी किताब की लॉन्चिंग के दौरान कहा था कि उनका किसी भी सरकार में किसी से भी कोई मतभेद नहीं था। उन्होंने यूपीए और एनडीए दोनों के साथ काम किया और किसी भी सरकार ने उनके काम में हस्तक्षेप नहीं किया।


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