देश में कई ऐसे बैंक हैं जो 7 प्रतिशत तक सेविंग्स अकाउंट पर ब्याज देते हैं। पर कुछ ऐसे भी बैंक हैं जो 4 फीसदी से अधिक ब्याज नहीं देते हैं। हम आपको कुछ ऐसे टिप्स देंगे जिससे बैंक में रखा आपका पैसा और ज्यादा हो सकता है। हाल ही में SBI समेत तमाम बैंको ने बचत खातों पर ब्याज दरें घटा दी हैं। इसलिए आपको ऐसी जगह निवेश करना चाहिए जहां आपका पैसा सुरक्षित भी रहे और रिटर्न भी बेहतर मिले।
पोस्ट ऑफिस में डिपॉजिट
बैंक तो डिपॉजिट रेट घटाने में लगे हुए हैं, लेकिन फिलहाल डाकघर की बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कमी नहीं की गई है। इनवेस्टर्स को बैंक डिपॉजिट पर अभी ज्यादातर 6 से 7 फीसदी ब्याज मिल रहा है। जबकि, डाकघर की जमा योजनाओं पर 7.8 फीसदी ब्याज मिल रहा है।
सरकार बॉन्ड्स में लगा सकते हैं पैसा
सरकारी बॉन्ड्स में पैसा लगाना आपके लिए बैंक से बेहतर विकल्प हो सकता है। जहां बैंकों में 6 से 7 फीसदी तक ब्याज मिल रहा है, वहीं सरकारी बॉन्ड्स पर अभी 8 फीसदी ब्याज दर है।
फिक्स्ड डिपोजिट में करें निवेश
सेविंग अकाउंट से पैसे निकालकर बेहतर जगह लगाना है तो फिक्स्ड डिपॉजिट बेहतर विकल्प है। खाता खोलें। एफडी पर मिलने वाले रिटर्न पर उन्हीं दरों के मुताबिक टैक्स लगता है, जिनके दायरे में इन्वेस्टर आता है। अगर आपकी सालाना आमदनी 10 लाख रुपए से ज्यादा है तो टैक्स कटने के बाद रिटर्न 5 फीसदी से कम रहेगा। अगर आपके पास नेट बैंकिंग अकाउंट है तो एफडी खोलना बेहद आसान है। ज्यादातर बैंक समय से पहले एफडी तोड़ने पर जुर्माना नहीं लगाते हैं।
शॉर्ट टर्म निवेश और लॉन्ग टर्म निवेश
अगर आपको अगले एक साल तक एक मुश्त कैश की जरूरत न हो तो इनकम फंड में निवेश करना बेहतर विकल्प होगा। इसके तहत आप शॉर्ट टर्म मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म बॉन्ड्स में निवेश कर सकते हैं। जिस पर आपको 9 फीसदी तक रिटर्न मिल सकता है। हालांकि एक तय समय से पहले अगर आप इन्वेस्टमेंट भुनाने की कोशिश करते हैं तो आपसे 1 फीसदी तक पेनल्टी ली जा सकती है। यह तय समय 1 साल तक का हो सकता है। इसलिए शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म स्कीम के बारे में पहले पता करना ठीक रहेगा।
लिक्विड फंड में करें निवेश
लिक्विड फंड या कैश फंड एक तरह का म्यूचुअल फंड होता है। लिक्विड फंड वह म्यूचुअल फंड है, जो मनी मार्केट इन्स्ट्रुमेंट्स जैसे ट्रेजरी बिल्स आदि में निवेश करता है। इनमें रिस्क कम होता है। ये साल में 8 फीसदी तक रिटर्न दे सकते हैं। ज्यादातर म्यूचुअल फंड हाउसेज ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट सुविधा देते हैं और पूरी प्रक्रिया पूरी करने में 1 घंटे से ज्यादा नहीं लगते। इसमें मेच्योरिटी पीरियड भी कम होता है। जब भी जरूरी हो आप छोटी रकम निकाल सकते हैं, वहीं सरप्लस कैश होने पर ज्यादा निवेश कर सकते हैं।
इक्विटी म्युचुअल फंड में करें निवेश
आर्बिट्राज फंड एक तरह का इक्विटी म्युचुअल फंड होता है। ये फंड कैश मार्केट और स्पॉट मार्केट के बीच के अतंर को खत्म करने के लिहाज से एक बेहतर ऑप्शन है। इस फंड का कॉन्सेप्ट है कम पर खरीदो और ज्यादा पर बेचो। इक्विटी के मुकाबले इस फंड में रिस्क कम होता है। इसमें इन्वेस्टर्स को 6 से 9 फीसदी तक का रिटर्न मिलता है। अगर आप आर्बिट्राज फंड्स में निवेश करें और सालभर तक निवेश बनाए रखें तो आपके रिटर्न पर टैक्स नहीं लगेगा। स्टॉक्स और इक्विटी फंड्स की तरह इन फंड्स में किया गया निवेश सालभर से पहले न भुनाए, नहीं तो रिटर्न पर टैक्स ज्यादा लगेगा।
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