प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत पिछले दो सालों में महिलाओं के लिए 3,000 अतिरिक्त नौकरियां देने की तैयारी की गई हैं। इस कार्यक्रम को लागू करने के लिए बनाई गई नोडल एजेंसी खादी और ग्रामोद्योग आयोग ने यह जानकारी दी है।
खादी और ग्रामोद्योग द्वारा प्रदान किया गया है चरखा
आयोग ने यह भी कहा कि इसके लिए महिलाओं को चरखा दिया गया है। यह नौकरियां पीएमईजीपी के तहत पूरे देश में पिछड़े और दूर-दराज के क्षेत्रों में सृजित 4.69 लाख नौकरियों से अलग हैं।
ग्रामीण आबादी को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास
आयोग ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के जयापुर, सेवापुरी और कांकरिया गांव में रोजगारों का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि जयापुर में ग्रामीण आबादी को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कृषक विकास ग्रामोद्योग संस्थान को 25 नये आधुनिक चरखा और पांच सौर करघा (सोलर लूम) दिए गए। इन चरखों के इस्तेमाल के लिए 50 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया।
200 रुपए दैनिक आय सुनिश्चित
आयोग ने कहा कि इन प्रशिक्षित महिलाओं को उद्यम शुरु करने में मदद के लिए पीएमईजीपी के तहत 80,000 रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया। इसमें से 35% की सब्सिडी आयोग ने दी ताकि वे अपना स्वयं का कताई का काम शुरु कर सकें। इससे घर पर काम करके इन महिलाओं की 200 रुपये दैनिक आय सुनिश्चित हुई है।
लिज्जज पापड़ कंपनी में भी दिया जा रहा रोजगार
सेवापुरी में ‘लिज्जत पापड़' की एक इकाई भी स्थापित की गई है जिसमें 176 स्थानीय महिलाओं को सीधा और 10 को अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हुआ है।


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