8 नवंबर 2016 के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1000 और 500 रुपए के नोट चलन से बाहर करने की घोषणा की थी। केंद्र सरकार द्वारा उठाया गया ये कदम काले धन पर रोक लगाने के लिए और जाली मुद्रा को बाजार से बाहर करने के लिए उठाया गया था। वहीं अब ये खबरें आ रही हैं कि बंद किए गए 1000 रुपए 98.7 फीसदी नोट वापस बैंको में आ गए हैं।
नोटबंदी पर उठे सवाल
पिछले साल नवंबर में लागू की गई नोटबंदी का बेहद कम प्रभाव पड़ने का खुलासा करते हुए आरबीआई ने बुधवार को कहा कि उस दौरान देश में प्रचलन में रहे 15.44 लाख करोड़ रुपये के प्रतिबंधित नोट में से 15.28 लाख करोड़ रुपये वापस लौट चुके हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा जारी सालाना रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले वित्त वर्ष में 1,000 रुपए के कुल 8.9 करोड़ नोट, जिसका मूल्य 8,900 करोड़ रुपये हैं, वह प्रणाली में वापस नहीं लौटा, जबकि उस समय प्रचलन में 1,000 रुपए के कुल 670 करोड़ नोट थे। प्रतिबंधित 1,000 रुपये के जो नोट वापस नहीं लौटे हैं, वे साल 2016 के आठ नवंबर से पहले प्रचलन में रहे कुल नोटों का महज 1.3 फीसदी हैं।
8 महीने बाद आई रिपोर्ट
नोटबंदी के 8 महीने बाद भी यह न बताया जाना कि कितने पुराने नोट वापस आए हैं, आम आदमी से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक को हैरान करने वाली बात थी। अब भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी वेबसाइट पर एक आंकड़ा देते हुए बताया है कि लगभग 99% 1000 के नोट बैंकिंग सिस्टम में वापस आ गए हैं। आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2017 तक 8,925 करोड़ के 1000 के नोट सर्कुलेशन में थे। RBI के मुताबिक, 'सर्कुलेशन वाले नोट' वे हैं जो रिजर्व बैंक से बाहर हैं।
संसद में सरकार का बयान
वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार के 3 फरवरी को दिए गए बयान के मुताबिक 8 नवंबर तक 6.86 करोड़ रुपये से ज्यादा के 1000 के नोट सर्कुलेशन में थे। मार्च 2017 तक सर्कुलेशन वाले 1000 के नोट कुल नोटों का 1.3 प्रतिशत थे। इसका मतलब 98.7 प्रतिशत नोट RBI में लौट आए थे। इसका मतलब 98.7% 1000 के नोट ही आरबीआई में वापस आए हैं। इस बारे में जब RBI से बात करने की कोशिश की गई तो कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
क्या कहते हैं आंकड़े
आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2017 तक 8,925 करोड़ के 1000 के नोट सर्कुलेशन में थे। RBI के मुताबिक, 'सर्कुलेशन वाले नोट' वे हैं जो रिजर्व बैंक से बाहर हैं। इस तरह, यह आंकड़ा पिछले साल 8 नवंबर से शुरू होने वाले नोटबंदी के बाद बैंकों में 1,000 के जमा किए गए सभी नोटों का प्रतिनिधित्व करता है।
जानकारों की राय
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक जेएनयू में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर सुरजीत मजूमदार ने कहा, 'जिस तरह 1000 के नोट वापस आए हैं उसी तरह 500 के नोट भी वापस आए होंगे। उन्होंने कहा कि इसका मतलब ये है कि 1000 और 500 के लगभग पूरे नोट वापस आए है, तो कालाधन तो ना के बराबर खत्म हुआ है।' उन्होंने कहा कि नोटबंदी में 15.4 लाख करोड़ की करंसी चलन से बाहर की गई थी। इसमें से 44 प्रतिशत 1000 के नोट और 56 प्रतिशत 500 के नोट थे। बता दें कि जून में सरकार ने कहा था कि RBI अब भी वापस आए नोटों की गिनती कर रही है और इसमें अभी समय लग सकता है।


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