शहरी इलाकों में सस्ते मकानों के निर्माण में तेजी आ रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश को 41,173 और अधिक मकानों की मंजूरी दी गई है। आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश सहित 6 राज्यों के लिए 2,17,900 और मकानों की मंजूरी दी है, इसके साथ ही 40,597 करोड़ रुपये की केन्द्रीय सहायता और कुल 1,39,621 करोड़ रुपये के कुल निवेश के साथ अब तक 26,13,568 मकानों की मंजूरी दी जा चुकी है।
इन राज्यों को मिली नए आवास बनाने की मंजूरी
नवीनतम मंजूरी में आंध्र प्रदेश को 1,20,894 सस्ते मकान, उत्तर प्रदेश को 41,173, असम को 16,700, गुजरात को 15,222, झारखंड को 14,017 और महाराष्ट्र को 9,894 अतिरिक्त सस्ते मकान मिले हैं। आंध्र प्रदेश अन्य के मुकाबले सबसे आगे है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उसे अब तक मंजूर किये गये सभी मकानों का 20.71 प्रतिशत मिला है।
राज्यों का विवरण
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मंजूर मकानों की संख्या के मामले में शीर्ष 10 राज्यों का विवरण इस प्रकार है (उपर चित्र देखें)
26 लाख से ज्यादा मकानों को बनाने की मंजूरी
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत अब तक मंजूर किये गये कुल 26,13,568 मकानों का 82 प्रतिशत इन दस राज्यों के पास है। दिल्ली, चंडीगढ़, गोवा और लक्षदीप को छोड़कर सभी 36 राज्यों और संघ शासित प्रदेशों को इस योजना के अंतर्गत मकानों की मंजूरी मिली है। आगे पढ़िए पीएम आवास योजना का लाभ आपको किन नियम और शर्तों के तहत मिलेगा।
आयवर्ग क्या है
अगर आप पीएम आवास योजना के अंतरगत घर लेना चाहते हैं तो सबसे पहले ये देखें कि आप किस आयवर्ग में आते हैं। अगर आप 3 से 6 लाख रुपए तक के आयवर्ग में आते हैं तो आपको ब्याज पर ज्यादा सब्सिडी मिलेगी, वहीं 6 से 12 लाख रुपए और 12 से 18 लाख रुपए सालाना आय वर्ग के लोगों का सब्सिडी कम होगी। 1 जनवरी 2017 से इस योजना के लाभ का दायरा बढ़ा दिया गया है।
मिडिल क्लास के लिए दो कटेगरी
प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उठाने के लिए मध्यम वर्ग (MIG) के लिए दो कटेगरी बनाई गई है। इसमें 6 लाख रुपए से लेकर 12 लाख रुपए तक की पहली कटेगरी है जबकि दूसरी कटेगरी 12 लाख रुपए से 18 लाख रुपए की है। अब आगे पढ़िए कि 6 से 18 लाख सालाना आय वर्ग के लोग कैसे प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं और क्या है इस योजना की शर्तें।
क्या हैं शर्तें
पीएम आवास योजना का उद्देश्य है कि सभी को पक्का मकान मिले। हां इस योजना की कुछ शर्तें जरूर हैं जिन्हें जानना आपके लिए बेहद जरूरी है। सबसे पहले तो ऐसे लोग जिनके पास इस पहले से घर है वह इस योजना का लाभ नहीं उठा सकता है। प्रधानमंत्री आवास योजना का नियम है कि लाभ उसे ही मिलेगा जिसके पास पहले से कोई पक्का मकान नहीं होगा।
दूसरी शर्त
इस योजना की दूसरी शर्त है कि परिवार के किसी सदस्य को भारत सरकार की किसी योजना के तहत आवास योजना का लाभ ना मिला हो। यदि परिवार में किसी सदस्य को सरकारी योजना के तहत आवास का लाभ मिला है उसके किसी अन्य सदस्य को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल सकता है।
आधार कार्ड है जरूरी
इस योजना के लिए आवेदन के वक्त अविभाजित परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड का नंबर देना जरूरी है। इसमें पति-पत्नी, और अविवाहित बेटे और बेटी शामिल हैं। शादी के बाद बेटा या बेटी इस योजना के लिए अलग से आवेदन कर सकते हैं।
ये नियम भी है
प्रधानमंत्री आवास योजना की शर्तों में यह भी कहा गया है कि कमाई करने वाले किसी विवाहित या अविवाहित बालिग सदस्य को अलग परिवार माना जा सकता है, बशर्ते उसके नाम पर देशभर में कहीं कोई पक्का मकान नहीं हो। यानी, पक्का मकान वाले माता-पिता के नौकरीपेशा बेटा और बेटी भी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ ले सकते हैं, बशर्ते खुद उसके नाम पर देश भर में कहीं कोई पक्का मकान नहीं हो।
जरुरी निर्देश
पक्के घर का लाभ उठाने वाले माता-पिता के विवाहित बेटे-बेटियां तो वैसे भी अलग परिवार माने जाते हैं। हालांकि, पति-पत्नी दोनों PMAY का लाभ नहीं ले सकते। यानी, बेटे-बहू या बेटी-दामाद के नाम पर हर हाल में एक ही मकान पर सब्सिडी मिल सकती है। यह उनकी मर्जी होगी कि मकान का मालिकाना हक कोई एक अपने पास रखें या दोनों साथ-साथ। आगे पढ़ें कितनी ब्याज पर कितनी सब्सिडी देगी सरकार।
कहां से ले सकते हैं लोन
आप कमर्शल बैंकों, हाउजिंग फाइनैंस कंपनियों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, राज्य सहकारी बैंकों, शहरी सहकारी बैंकों, छोटे वित्तीय बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों आदि से लोन लेकर ब्याज पर उचित सब्सिडी पा सकते हैं। आपको किसी तरह का प्रोसेसिंग चार्ज भी नहीं देना होगा। हां, आप योजना के तहत जितना लोन लेने के योग्य हैं, उससे ज्यादा लोन ले रहे हैं तो अतिरिक्त रकम पर आपको नॉर्मल प्रोसेसिंग फी देनी पड़ सकती है।


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