अमेरिकी बर्गर रेस्त्रां कंपनी मैकडोनाल्ड्स इंडिया ने कनॉट प्लाजा रेस्टोरेंट लिमिटेड (सीपीआरएल) के साथ अपना व्यावसायिक करार खत्म कर दिया है और कहा है कि स्थानीय कंपनी अब उसके नाम से कारोबार नहीं कर सकेगी। यह समझौता दिल्ली सहित उत्तर और पूर्वी क्षेत्र के 169 रेस्त्रां के लिए था।
कुछ सप्ताह पहले ही बंद हो गए थे 43 रेस्त्रां
उद्यमी विक्रम बख्शी की अगुवाई वाली सीपीआरएल का मैकडोनाल्ड्स इंडिया से विवाद चल रहा था। इस निर्णय से कुछ सप्ताह पहले सीपीआरएल ने दिल्ली के अपने 43 रेस्त्रां बंद कर दिए थे, क्योंकि स्थानीय नगर निकाय ने मैकडोनाल्ड्स के नाम से चल रही इन दुकानों का लाइसेंस का नवीनीकरण करने से मना कर दिया था।
15 दिन के अंदर लागू हो जाएंगी शर्तें
सीपीआरएल में बक्शी और मैकडोनाल्ड्स इंडिया आधे-आधे के भागीदार हैं। फ्रैंचाइजी समझौता खत्म किए जाने के बाद अब सीपीआरएल को अमेरिकी कंपनी के नाम , उसके व्यावसायिक प्रतीक चिह्न, डिजाइन और उससे जुड़ी बौद्धिक संपदा का इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं रहेगा। ये शर्तें करार खत्म किए जाने के नोटिस के 15 दिन के अंदर लागू हो जाएंगी।
विक्रम बक्शी को हटाने की वजह से बढ़ा टकराव
कंपनी की ओर से बताया गया कि एग्रीमेंट टर्मिनेशन का असर उन सभी रेस्टोरेंट्स पर पड़ेगा, जो हाल में ईटिंग हाउस लाइसेंस को रिन्यू कराने में नाकाम रहे। लोकप्रिय फूड आउटलेट ने 2014 में मैकडोनल्ड्स की फ्रेंचाइजी के मैनेजिंग डायरेक्टर पद से विक्रम बक्शी को हटा दिया था। जिसके बाद से बक्शी और मैकडोनल्ड्स इंडिया के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई।
फ्रेंचाइजी एग्रीमेंट की शर्तों का हुआ है उल्लंघन
मैकडोल्ड्स इंडिया ने कहा है कि हम यह कदम उठाने को मजबूर हुए हैं, क्योंकि सीपीआरएल ने रेस्टोरेंट्स को प्रभावित करने वाली फ्रेंचाइजी एग्रीमेंट की शर्तों का उल्लघंन किया है और मौका दिए जाने के बाद भी वह एग्रीमेंट्स के क्रम में जरुरी कदम उठाने में नाकाम रही है। मैकडोनल्ड्स इंडिया ने कहा है कि वह उत्तर और पूर्वी भारत के लिए सही डेवलपमेंटल लाइसेंस पार्टनर खोजेगी और इसी दिशा में यह कदम उठाया गया है।


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