कोर्ट का आदेश 37 हजार करोड़ में नीलाम होगा एंबी वैली रिजार्ट

समस्या में घिरे सहारा समूह की एम्बी वैली रिजार्ट शहर की नीलामी प्रकिया आज शुरू हुई। इसके लिये आरक्षित मूल्य 37.392 करोड़ रुपये रखा गया है। आपको बता दें कि यह नीलामी उच्चतम न्यायालय के आदेश के तहत हो रही है। बंबई उच्च न्यायालय के द्वारा अधिकारिक रुप से इस नीलामी की नोटिस जारी की गई।

बोलीदाताओं को किया गया है आमांत्रित

बोलीदाताओं को किया गया है आमांत्रित

इसमें मुंबई और पुणे के बीच लोनावला के समीप 6,76, 211 एकड़ क्षेत्र में फैली एकीकृत हिल सिटी टाउनशिप के लिये संभावित बोलीदाताओं को आमंत्रित किया गया है। मारीशस स्थित निवेशक रायल पार्टनर्स इनवेस्टमेंट फंड ने पिछले सप्ताह कहा कि उसने सहारा समूह की एम्बी वैली परियोजना में 1.67 अरब डालर 10,700 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की पेशकश की है। सहारा समूह ने अपनी इस परियोजना का मूल्यांकन एक लाख करोड़ रुपये किया है।

1.67 अरब डालर के निवेश पर सहमति

1.67 अरब डालर के निवेश पर सहमति

प्रस्तावित सौदे के बारे में ई-मेल के जरिये पूछे गये सवाल के जवाब में आरपीएमजी इनवेस्टमेंट ने पीटीआई भाषा से कहा, सहारा ने उच्चतम न्यायालय के समक्ष जैसा कहा है, रायल पार्टनर्स इनवेस्टमेंट फंड लि. तथा उसकी लिमिटेड पार्टनर्स एम्बी वैली परियोजना में 1.67 अरब डालर के निवेश पर सहमति जतायी है।

यूके लि. के साथ समझाौते की मंजूरी का आग्रह

यूके लि. के साथ समझाौते की मंजूरी का आग्रह

इस बीच, सहारा के अधिवक्ता गौतम अवस्थी ने एक बयान में कहा कि समूह ने उच्चतम न्यायालय के पास आवेदन किया है जिसमें रायल पार्टनर्स इनवेस्टमेंट फंड नामित विक्टर कोनिग यूके लि. के साथ समझाौते की मंजूरी देने का आग्रह किया गया है। यह एम्बी वैली परियोजना में 1.67 अरब डालर के निवेश आमंत्रित करने के लिये है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव के साथ सहारा ने एम्बी वैली की नीलामी प्रक्रिया रोकने का भी अनुरोध किया है।

उच्‍चतम न्‍यायालय ने दिया है मौका

उच्‍चतम न्‍यायालय ने दिया है मौका

अवस्थी के अनुसार सेबी के वकील, इस मामले में अदालत की मदद कर रहे वकील तथा सहारा के लिये मामले में पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की बातों को सुनने के बाद उच्चतम न्यायालय ने बातचीत की अनुमति देकर सहारा के लिये एक मौका उपलब्ध कराया है ताकि वह न्यायालय के समक्ष राशि जमा करा सके जो 1,500 करोड़ रुपये है। इसे अगली तारीख से पहले जमा कराया जाना है।

उन्होंने कहा कि न्यायाधीश के अनुसार अगर 1,500 करोड़ रुपये जमा करा दिया जाता है तो नीलामी आदेश वापस ले लिया जाएगा।

 

समय पर करना होगा भुगतान

समय पर करना होगा भुगतान

न्यायालय ने गुरूवार को कहा कि नीलामी प्रक्रिया का तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगी लेकिन अगर 1,500 करोड़ रुपये का भुगतान सात सितंबर तक सेबी-सहारा रिफंड खाता में कर दिया जाता है, तब वह उपयुक्त आदेश जारी कर सकता है।

समूह ने न्यायालय से नीलामी प्रक्रिया रोकने का अनुरोध किया है ताकि सहारा प्रमुख सुब्रत राय धन की व्यवस्था कर सके। नीलामी प्रक्रिया 14 अगस्त को नोटिस प्रकाशित होने के साथ शुरू होगी और 16 सितंबर तक चलेगी।

 

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