GST: नोटबंदी के बाद निगरानी से टैक्‍स GDP अनुपात बढ़ेगा

Written By: Pratima
Subscribe to GoodReturns Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts

    माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के क्रियान्वयन तथा नोटबंदी के बाद निगरानी मजबूत किए जाने से वित्त वर्ष 2019-20 तक कर-सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) अनुपात 11.9 प्रतिशत पर पहुंच जाएगा। चालू वित्त वर्ष 2017-18 में सकल कर-जीडीपी अनुपात 11.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

    GST: नोटबंदी के बाद निगरानी से टैक्‍स GDP अनुपात बढ़ेगा

    वित्तीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत संसद में आज पेश मध्यावधि व्यय ढांचा विवरण 2017-18 में वित्त मंत्रालय ने कहा है कि बजट में मध्यम अवधि के कर राजस्व में जो वृद्धि का अनुमान लगाया गया था, वह हासिल हो पाएगा।

    इसमें कहा गया है कि जीएसटी को लागू करने की वजह से कर संग्रहण में जो झटके आएंगे उन्हें चालू वित्त वर्ष में समाहित कर लिया जाएगा। ऐसे में कर-जीडीपी अनुपात 2016-17 के स्तर पर रहेगा।

    सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 19.06 लाख करोड़ रुपये के कर संग्रहण का बजटीय लक्ष्य रखा है। यह इससे पिछले वित्त वर्ष की तुलना में करीब 15 प्रतिशत अधिक है।

    दस्तावेज में कहा गया है कि आगे चलकर 2018-19 और 2019-20 में जीएसटी को लागू किए जाने से कर दायरे में विस्तार से लाभ और नोटबंदी के बाद निगरानी बढ़ने से कर-जीडीपी अनुपात में 0.3 प्रतिशत का इजाफा होगा। कर-जीडीपी अनुपात 2018-19 में 11.6 प्रतिशत और 2019-20 में 11.9 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है।

    English summary

    GST, surveillance post demonetisation to increase tax-GDP ratio

    The implementation of GST and increased surveillance post demonetisation will help increase the tax-GDP ratio to 11.9 per cent by 2019-20, government said today.
    Story first published: Friday, August 11, 2017, 15:36 [IST]
    Company Search
    Enter the first few characters of the company's name or the NSE symbol or BSE code and click 'Go'
    Thousands of Goodreturn readers receive our evening newsletter.
    Have you subscribed?

    Find IFSC

    Get Latest News alerts from Hindi Goodreturns

    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Goodreturns sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Goodreturns website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more