वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा है कि सुधारों का कोई अंत नहीं है और भारत को गरीबी तथा ढांचागत सुविधा की कमी को दूर करने के लिये अब भी लंबी दूरी तय करना बाकी है।
वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा है कि सुधारों का कोई अंत नहीं है और भारत को गरीबी तथा ढांचागत सुविधा की कमी को दूर करने के लिये अब भी लंबी दूरी तय करना बाकी है। जेटली ने यह बात माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के क्रियान्वयन के एक महीने बाद यहां एक समारोह में कही।
निवेश और डिजिटल अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाएगा
जेटली ने ‘इंडिया ट्रांसफार्म्ड-25 ईयर्स आफ एकोनामिक रिफार्म' शीर्षक वाली पुस्तक के विमोचन के मौके पर यहां कहा कि भारत को स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचा तथा सिंचाई में बड़ी मात्रा में राशि लगाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भाजपा नीत राजग सरकार ने वित्तीय समावेश, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश तथा डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सुधारों को आगे बढ़ाया है।
भारत को अभी लंबी दूरी तय करना है
लंबे समय से अटका जीएसटी एक जुलाई से लागू किया गया। इसे आजादी के बाद देश का सबसे बड़ा कर सुधार माना जा रहा है। जेटली ने कहा, जहां तक सुधार का सवाल है, इसका कोई अंत नहीं है और मुझे लगता है कि भारत को अभी भी लंबी दूरी तय करनी है। उन्होंने कहा कि वैश्विक वातावरण इस समय अधिक अनुकूल है, ऐसे में भारत को अपनी वृद्धि दर में तेज करने के प्रयास करने की जरूरत है।
उच्च वृद्धि दर की जरुरत
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत को लंबे समय तक उच्च वृद्धि दर की जरूरत है क्योंकि देश में अब भी बड़ी संख्या में लोग गरीब हैं, आपके यहां बुनियादी ढांचे की कमी है, आपके यहां अब भी शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण भारत और सिंचाई में काफी निवेश की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि जहां तक भारत का सवाल है, निश्चित रूप से 1991 उल्लेखनीय क्षण था।
25 साल में 7% वृद्धि हासिल की है
इस मामले में क्योंकि इससे न केवल आर्थिक मार्ग को बदला बल्कि लोगों की मन:स्थिति में भी बदलाव लाया। विदेशी मुद्रा भंडार की कमी के बीच भारत ने जून 1991 में अपनी अर्थव्यवस्था को खोला था और तत्कालीन वित्त मंत्री मनमोहन सिंह की अगुवाई में बड़े पैमाने पर सुधार की दिशा में कदम रखा था।
जेटली ने कहा कि भारत ने पिछले 25 साल में औसतन 7 प्रतिशत वृद्धि हासिल की है।
अब भी कई क्षेत्रों में चुनौतियां बांकी हैं
उन्होंने कहा, नि:संदेह भारत रहने के लिहाज से बेहतर जगह है लेकिन अब भी कई क्षेत्रों में चुनौतियां बनी हुई है। जेटली ने कहा, भारत को अब भी गरीबी उन्मूलन से संबद्ध कदमों को आगे बढ़ाने के लिये काफी मात्रा में संसाधन की जरूरत है। बड़ी मात्रा में संसाधन तभी आ सकता है जब वृद्धि प्रक्रिया अच्छी हो। इस कार्यक्रम में सिंह भी थे जो 10 साल तक प्रधानमंत्री रहे।
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