प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इकोनॉमिक रिफॉर्म को बड़ा झटका लगा है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अरविंद पनगढ़िया 31 अगस्त तक इस पद पर बने रहेंगे। समाचार एजेंसी पीटीआई ने इसकी सूचनी ट्वीट करके दी है।
पीएम मोदी को 2 महीने पहले ही दे दी थी खबर
बताया जा रहा है कि नीति आयोग के वर्तमान उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने इस्तीफा देने के बाद वापस शिक्षा क्षेत्र में जाने की इच्छा जताई है। समाचार पोर्टल आजतक के अनुसार अरविंद पनगढ़िया ने कहा कि उन्होंने अपने इस्तीफे की खबर 2 महीने पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दे दी थी।
शिक्षा के क्षेत्र में वापस लौटना चाहते हैं
अरविंद पनगढ़िया ने बताया कि वह अब शिक्षा क्षेत्र में लौटना चाहते थे। इस बारे में उन्होंने बताया कि वह कोलंबिया विश्वविद्यालय से छुट्टी लेकर कार्य कर रहे थे और अब छुट्टी का वक्त पूरा हो चुका है।
पीएम मोदी ने सौंपी थी नीति आयोग की कमान
अरविंद पनगढ़िया का दायित्व मोदी सरकार के कार्यकाल में बहुत बड़ा था। नीती आयोग के गठन के बाद अरविंद पनगढ़िया को इसकी कमान सौंपी गई थी। इस नीति आयोग को नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांस्फॉर्मिंग इंडिया (NITI) नाम देते हुए केन्द्रीय कैबिनेट ने 1 जनवरी 2015 को स्थापित किया था।
तीन बिंदुओं पर चल रहा था काम
केन्द्र सरकार के लिए नीतियों का निर्माण करने के लिए नीति आयोग ने 3 अहम उद्देश्यों को सामने रखा था- जिसमें डिजिटल इंडिया, कोऑपरेटिव फेडरलिज्म, महिलाओं को विकास की मुख्यधारा में लाना, अर्थात 'नीति आयोग का उद्देश्य है ऐसे सुदृढ़ राज्यों का निर्माण करना जो आपस में एकजुट होकर एक सुदृढ़ भारत का निर्माण करें।
कौन हैं अरविंद पनगढ़िया?
अरविंद पनगढ़िया एक भारतीय अमेरिकी अर्थशास्त्री हैं और उनकी उम्र अभी 62 साल है। अरविंद पनगढ़िया कोलंबिया विश्विद्यालय में प्रोफेसर रहे हैं, वह एशियाई विकास बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री और कॉलेज पार्क मैरीलैंड के अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र केन्द्र में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर और सह-निदेशक रह चुके हैं। प्रिंसटोन यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में पीएचडी हासिल करने वाले पानागढ़िया विश्व बैंक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व व्यापार संगठन और व्यापार एवं विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (एंकटाड) में भी विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं।


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