भारत की जीडीपी वृद्धि दर अगले 12 से 18 महीने के दौरान 6.5 से 7.5 % के दायरे में रहेगी और जीएसटी आर्थिक वृद्धि की रफ्तार बढ़ाने में मदद करेगा।
भारत की जीडीपी वृद्धि दर अगले 12 से 18 महीने के दौरान 6.5 से 7.5 % के दायरे में रहेगी और जीएसटी आर्थिक वृद्धि की रफ्तार बढ़ाने में मदद करेगा। मूडीज के एक सर्वेक्षण में यह परिणाम सामने आया है। सर्वेक्षण में 75 % से अधिक लोगों ने कहा कि बिजली, इस्पात और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में बड़े कंपनी समूहों को दिये गये कर्ज से भारत में बैंकों की संपत्ति गुणवत्ता के लिये बड़ा जोखिम पैदा हुआ है।
3-4 साल में 8% के आसपास पहुंच जायेगी आर्थिक वृद्धि
मूडीज और उससे संबंधित इकरा के सर्वेक्षण में 200 से अधिक बाजार भागीदारों ने भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि संभावना को लेकर विश्वास व्यक्त किया है।
मूडीज ने एक बयान में कहा, भारत की जीडीपी वृद्धि दर अगले 12 से 18 महीने के दौरान 6.5 से 7.5% के दायरे में रहेगी। मूडीज को विश्वास है कि आर्थिक वृद्धि की रफ्तार अगले 3-4 साल में बढ़कर 8% के आसपास पहुंच जायेगी।
दूसरे देशों को छोड़ सकती है पीछे
मूडीज के सहायक प्रबंध निदशेक मैरी डिरोन ने कहा, भारत में चल रहे आर्थिक और संस्थागत सुधारों और आने वाले समय में होने वाले बदलावों को देखते हुये नोटबंदी से पैदा हुई अल्पकालिक अड़चन के बावजूद भारत अगले 12 से 18 माह के दौरान भारत उसके जैसे दूसरे देशों के मुकाबले अधिक तेजी से वृद्धि करेगा।
जीएसटी से थीं उम्मीदें
सर्वेक्षण में भाग लेने वालों में हालांकि इस बात को लेकर एक राय थी कि माल एवं सेवाकर (जीएसटी) के लागू होने से 12 से 18 माह में आर्थिक वृद्धि बढ़ेगी लेकिन इस मुद्दे पर उनकी राय अलग अलग थी कि इस कर सुधार से आर्थिक वृद्धि कितनी बढ़ेगी।


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