खबर आ रही है कि 2000 रुपए के नोट अब बनना बंद हो गए हैं और उसकी जगह पर 200 रुपए के नए नोटों की छपाई शुरू हो गयी है।
पहले 2000 और 500 सौ के नए नोट, फिर 1 रुपए और 20 रुपए के नए नोट की खबर और अब 200 रुपए की नए नोट मार्केट में आने की खबर सुनने में आ रही है। साथ ही यह भी खबर आ रही है कि 2000 रुपए के नोट अब बनना बंद हो गए हैं और उसकी जगह पर 200 रुपए के नए नोटों की छपाई शुरू हो गयी है।
मैसूर प्रेस में 200 रुपए के नोटों की छपाई शुरू
यह सुनने में आ रहा है कि आरबीआई के मैसूर प्रेस में 200 रुपए के नोटों की छपाई शुरू भी हो चुकी है। सूत्रों की माने तों अगले महीने एक अरब रुपए मूल्य के 200 रुपए के नोट बाजार में आने की उम्मीद है।
छोटे नोटों की कमी को पूरा करने के लिए उठाया जा रहा यह कदम
नवबंर 2016 में नोटबंदी की घोषणा के बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने 200 रुपये का नोट बाजार में उतारा था। लेकिन अब RBI ने दो हजार रुपए के नोटों की छपाई बंद कर दी है। रिजर्व बैंक का ध्यान अब बाजार में छोटे नोटों की अपूर्ति करने पर है।
क्या 200 रुपए की नोट पर नहीं होंगे गांधी जी
पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया में इस तरह की खबरें आ रही हैं कि 200 रुपए की नोट पर गांधी जी की तस्वीर की जगह किसी अन्य स्वतंत्रता सैनानी की तस्वीर हो सकती है। सोशल मीडिया पर 200 रुपए के नोट को लेकर कई तरह की तस्वीर जारी हो रहीं हैं जिसमें एक तस्वीर पर भारत रत्न और सचिन की तेन्दुलकर की फोटो है। हालांकि हम इन तस्वीरों की पुष्टि नहीं करते हैं यह उपरोक्त बातें सोशल मीडिया पर फैली खबरों के आधार पर है।
500 और 2000 हजार से मिलता-जुलता होगा नोट
जानकारों के मुताबिक नोट का डिजाइन 2000 रुपए और 500 रुपए के नए नोटों से मिलता-जुलता हो सकता है। साथ ही नोट पर स्वच्छ भारत अभियान का लोगो 2000 और 500 रुपए के नोटों के जैसा ही हो सकता है। 2000 रुपए का नोट जहां गुलाबी रंग में है वहीं 500 रुपए का नोट स्टोन ग्रेन कलर में है। ऐसे में अनुमान लगाया जा सकता है कि 200 रुपए के नोट का रंग पुरान 100, 50 और 20 रुपए के नोट से अलग हो सकता है।
आरबीआई ने अभी तक नहीं जारी किया है नोट का डिजाइन
खबरों के मुताबिक आरबीआई ने पांच महीने पहले ही 2000 रुपए के नोट की छपाई बंद कर दी थी। 200 रुपए का वास्तविक नोट की डिजाइन की जानकारी अब तक आरबीआई ने साझा नहीं की है इसलिए इसकी डिजाइन को लेकर सिर्फ अनुमान ही लगाया जा सकता है।
क्यों बंद हो सकता है?
कालेधन पर नकेल कसने के लिए केंद्र सरकार तत्पर है और वह इस कड़ी में बड़े नोटों को बाजार से खींचने का विकल्प तलाश रही है। सरकार चाहती तो जिस तरह से हजार और पांच सौ के नोट बंद किए थे वैसे ही 2000 रुपए के नोट भी बंद कर सकती है लेकिन नोटबंदी से हुई परेशानी से जनता अब उबर रही है। ऐसे में सरकार यह नहीं चाहेगी कि लोगों को परेशानी हो। बड़े नोटों से कालेधन को बल मिलता है और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है। इसलिए सरकार देश में यूरोप की तर्ज पर छोटे नोटों को बढ़ावा देने पर विचार कर रही है।
यूरोप और अमेरिका की तर्ज पर होगा कार्य
आपको बता दें कि ब्रिटेन में 50 पाउंड का नोट सबसे बड़ी करेंसी है। जबकि अमेरिका में 100 डॉलर का नोट सबसे बड़ी करेंसी है। साथ ही इन देशों में डिजिटल क्रांति के कारण कैशलेस बाजार का चलन बहुत ज्यादा है। सरकार की मंशा है कि यूरोप और अमेरिका के तर्ज पर भारत में भी छोटे नोटों की करेंसी को ही रखा जाए और देश को कैशलेस इंडिया की तरफ बढ़ाया जाए।


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