प्रत्येक उत्पाद पर एमआरपी का स्पष्ट रूप से उल्लेख करना अनिवार्य है।
सरकार ने व्यापारियों और कंपनियों से कहा है कि वे माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के लागू होने के बाद अधिक उपभोग वाले उत्पादों के अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) में बढ़ोतरी के बारे में जनता का सूचित करने के लिए विज्ञापन जारी करें। जीएसटी से पहले के स्टॉक को निकालने के लिए इससे पहले सरकार ने इसी सप्ताह दो स्टीकरों जिसमें एक में नई कीमत और साथ में उत्पाद की पुरानी कीमत का उल्लेख किया गया था को जारी किया था।
हर प्रोडक्ट में नया MRP लिखना अनिवार्य
राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा कि कानून के तहत प्रत्येक उत्पाद पर एमआरपी का स्पष्ट रूप से उल्लेख करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जीएसटी के बाद विभिन्न उत्पादों पर कर प्रभाव में बदलाव के मद्देनजर कानून के तहत नई दरों का उल्लेख करना भी अनिवार्य है।
न्यूज पेपर में देना होगा विज्ञापन
अधिक खपत वाले उत्पादों के संशोधित एमआरपी के बारे में दो स्थानीय समाचार पत्रों में विज्ञापन देना होगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी उत्पाद का काफी ज्यादा उपभोग है तो तुरंत संशोधित एमआरपी के बारे में समाचार पत्रों में विज्ञापन दिया जाना चाहिए। लोगों को विज्ञापन के जरिये इसकी जानकारी दी जानी चाहिए।
दो स्टीकर लगाने कि मिल गई है अनुमति
अधिया ने कहा कि एमआरपी में बदलाव की समस्या के हल के लिए सरकार ने नई दरों वाले स्टीकर चिपकाने की अनुमति दी है। उन्होंने आज यहां दूसरी जीएसटी मास्टर क्लास में कहा, मैं व्यापारियों से अपील करता हूं कि स्टीकर अवश्य लगवाएं। जितना जल्दी वे ऐसा करेंगे, उतना ही उनके लिए यह अच्छा होगा। यानी कि पुराने एमआरपी और नए एमआरपी के लिए दो स्टीकर लगा सकते हैं।
हो सकती है जेल
तो वहीं उपभोक्ता मामले के मंत्री राम विलास पासवान ने कहा कि अगर कोई भी दुकानदार अपने पुराने प्रोडक्ट पर जीएसटी लागू होने के बाद की दरें प्रकाशित नहीं करता तो उन्हें एक लाख के जुर्माने के साथ ही की सजा भी खानी पड़ सकती है।


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