चीन के सरकारी मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स में भारत में जीएसटी लागू किए जाने पर एक लेख प्रकाशित किया गया है।
हाल ही में भारत में सबसे बड़ा कर सुधार जीएसटी (GST) लागू किया गया है, इस कर सुधार को देश की आजादी के बाद का सबसे बड़ा कर सुधार माना जा रहा है। अब इस कर सुधार यानि की जीएसटी (GST) पर पड़ोसी देश चीन भी 'ज्ञान' दे रहा है। चीन के सरकारी मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स में भारत में जीएसटी लागू किए जाने पर एक लेख प्रकाशित किया गया है।
जीएसटी पर चीन की टिप्पणी
चीन के सरकारी मुख पत्र ग्लोबल टाइम्स ने भारत में जीएसटी लागू किए जान पर एक लेख प्रकाशित किया है। इस लेख में ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि अगर भारत को सही तरीके से जीएसटी को लागू करना है तो उसे चीन की सरकार जैसी लीडरशिप की जरूरत होगी। वहीं ग्लोबल टाइम्स ने जीएसटी लागू होने को एक बड़ा कदम बताया है, मुख पत्र ने लिखा है कि लंबे वक्त से प्रतीक्षित जीएसटी आखिरकार भारत में प्रभाव में आ गया है और यह 1947 के बाद देश में सबसे बड़ा कर सुधार है।
भारत की राह में कई अड़चनें: चीन
वहीं अखबार ने अपने डिजिटल संस्करण में सवालिया लहजे में पूछा है कि नए कर सुधार को देश 29 राज्यों में कैसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा और इसमें कितना वक्त लगेगा? अखबार ने आगे लिखा है कि नोटबंदी, जीएसटी जैसे वित्तीय सुधारों को लागू करके भारत अपनी अर्थव्यवस्था को एकरूपता देना चाह रहा है, पर इसमें उसे बड़े अवरोधों का सामना करना पड़ सकता है।
चीनी 'ज्ञान'
अखबार ने आगे लिखा है कि, चीन में आर्थिक विकास की नीतियों को लागू करने में चीन के बेहद सशक्त नेतृत्व का हाथ रहा है वैसा ही भारत में सशक्त नेतृत्व होना चाहिए, ताकि पूरे देश में कर सुधार का अनुपालन हो।
भारत, चीन से बहुत पीछे
अखबार ने लिखा है कि भारत अभी नीतियों को लागू करने में चीन से बहुत पीछे है। वहीं अखबार ने ये भी लिखा है कि जीएसटी एक सही दिशा में उठाया गया कदम है जिससे आने वाले भविष्य में भारत को बड़ा लाभ हो सकता है।


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