वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के शनिवार से लागू होने के साथ ही लोगों ने सोशल मीडिया पर अपने पहले बिल को साझा किया।
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के शनिवार से लागू होने के साथ ही लोगों ने सोशल मीडिया पर अपने पहले बिल को साझा किया। जीएसटी के अपने पहले अनुभव को इंटरनेट के उपयोगकर्ताओं ने फेसबुक, व्हाट्स एप और ट्विटर के माध्यम से अपने-अपने बिलों को साझा किया। अधिकांश बिल होटलों के थे।
लोगों ने सोशल मीडिया पर साझा किया बिल
कुछ लोगों ने तो शुक्रवार और शनिवार दोनों दिनों के बिलों को पोस्ट किया और इसके माध्यम से अपने पॉकेट पर पड़ने वाले प्रभाव को दर्शाया। लोगों ने बिल में जीएसटी के दरों का उल्लेख करते हुए कई तरह के कमेंट किए हैं। हालांकि कई लोगों का ये भी सवाल था कि उन्हें दो तरह की जीएसटी की दरें क्यों चुकानी पड़ रही है। ये दो जीएसटी हैं, आई-जीएसटी यानि कि राष्ट्रीय दर और एस-जीएसटी यानि की राज्य की जीएसटी की दर शामिल थे।
खाने की कीमतें बढ़ीं
जीएसटी काउंसिल ने ट्रिस्टविदजीएसटी के नाम से एक हैशटैग शुरू किया है, जिसपर लोग अपने अनुभवों को साझा करने के लिए जीएसटी की अपनी पहली पर्ची की तस्वीर पोस्ट कर सकते हैं। एक बिल में दिखाया गया कि दक्षिण भारतीय खाने की कीमत जीएसटी के कारण किस प्रकार बढ़ी है।
जीएसटी से बढ़ गई कीमतें
बेंगलुरू के एक रेस्तरां में शुक्रवार को एक मसाल डोसा तथा एक सांबर वड़ा की कीमत 133 रुपये थी, जो शनिवार को जीएसटी के आने के साथ ही 148 रुपये हो गई। एक परिवार ने व्हाट्स एप पर एक रेस्तरां में अपने खाने का बिल साझा किया। उन्हें 1,577 रुपए के खाने पर 183 रुपए (नौ फीसदी राज्य जीएसटी तथा नौ फीसदी केंद्र जीएसटी) जीएसटी चुकाना पड़ा।
किरान स्टोर पर भी जीएसटी से बढ़े दाम
किराना स्टोर के कुछ बिलों को भी सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जिसमें कुल खरीद पर पांच फीसदी राज्य जीएसटी तथा पांच फीसदी केंद्र जीएसटी लगाया गया है।


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