GST में किए गए प्रावधानों के विरोध में देश के अन्य स्थानों के साथ मध्य प्रदेश के व्यापारियों ने भी शुक्रवार को बंद का आह्वान किया है।
केंद्र सरकार 'एक देश एक कर के लिए' शुक्रवार मध्य रात्रि से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू करने जा रही है। इसमें किए गए प्रावधानों के विरोध में देश के अन्य स्थानों के साथ मध्य प्रदेश के व्यापारियों ने भी शुक्रवार को बंद का आह्वान किया है। पूरे प्रदेश में इस बंद का व्यापक असर नजर आ रहा है।

राजधानी सहित अन्य हिस्सों के व्यापारिक प्रतिष्ठान शुक्रवार सुबह से बंद है, दुकानों पर ताले लटके हुए हैं और बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। दूध, सब्जी और आवश्यक सेवाएं इस बंद के दायरे से बाहर हैं। भोपाल चेंबर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष ललित जैन ने बताया कि इस बंद को किराना, कपड़ा व दवा कारोबारियों ने अपना समर्थन दिया है।
व्यापारियों का कहना है कि वे जीएसटी के विरोध में नहीं है, मगर इसमें कई प्रावधान ऐसे हैं जो व्यापारियों को मुसीबत में डालने वाले हैं, जैसे एक माह में तीन बार रिटर्न भरना, थोक कारोबारी द्वारा कर न दिए जाने का दोषी छोटे कारोबारी को भी मानना, सजा का प्रावधान। कुल मिलाकर सात ऐसे प्रावधान है, जिसका व्यापारी विरोध कर रहे हैं। इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, जबलपुर से लेकर राज्य के अन्य हिस्सों में भी व्यापारी संगठनों के बंद का असर साफ नजर आ रहा है।


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