जीएसटी के कार्यान्वयन से पहले निवेशकों में सतर्क रख तथा वित्तीय व बैंकिंग शेयरों में गिरावट के चलते घरेलू शेयर बाजारों में आज महीने भर में किसी एक कारोबारी सत्र में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई!
जीएसटी के कार्यान्वयन से पहले निवेशकों में सतर्क रख तथा वित्तीय व बैंकिंग शेयरों में गिरावट के चलते घरेलू शेयर बाजारों में आज महीने भर में किसी एक कारोबारी सत्र में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई और सेंसेक्स 180 अंक टूटकर 31,000 अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे बंद हुआ।

रिजर्व बैंक के अनुसार ऋण शोधन अदालतों को भेजे जाने वाले फंसे कर्ज के लिए बैंकों को अधिक प्रावधान करना होगा। इस नये प्रावधान से विशेषकर बैंकिंग क्षेत्र के शेयर दबाव में रहे।
कारोबारियों का कहना है कि निवेशकों की अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीति नियंताओं के बयान पर निगाह है वहीं गुरवार को डेरीवेटिव्ज के जून सौदों की अवधि समाप्त हो रही है. जीएसटी का कार्यान्वयन भी एक जुलाई से होना है. इसको लेकर निवेशकों में सतर्कता का रख रहा।
बीएसई का तीस शेयर आधारित सेंसेक्स 179.96 अंक यानी 0.58 प्रतिशत टूटकर 30,958.25 अंक पर बंद हुआ। यह 25 मई के बाद का इसका निम्नतम स्तर है जब यह 30,750.03 अंक पर बंद हुआ था।
सेंसेक्स शुक्रवार को भी 152.53 अंक टूटकर बंद हुआ था। सोमवार को बाजार में ईद-उल-फितर के मौके पर अवकाश था।
वहीं एनएसई का निफ्टी 63.55 अंक टूटकर 9511.40 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 9473.45 और 9615.40 अंक के दायरे में रहा। सिंडीकैट बैंक, पीएनबी, बैंक आफ बड़ौदा व यूनियन बैंक के शेयर 4.97 प्रतिशत तक टूट गये।


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