सातवें वेतन आयोग को लेकर काफी दिनों से चर्चाओं का बाजार गरम है। करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों के लिए जल्द खुशखबरी मिलने की उम्मीद है।
सातवें वेतन आयोग को लेकर काफी दिनों से चर्चाओं का बाजार गरम है। करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों के लिए जल्द खुशखबरी मिलने की उम्मीद है। यह अलग बात है कि अभी तक सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट पर केंद्रीय कर्मचारियों का विरोध है उसका हल नहीं निकला है। कर्मचारियों के विरोध के बाद समितियों का गठन किया गया और अब अलाउंसेस यानि भत्ते को लेकर बनी समिति की रिपोर्ट अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्रीय कर्मचारियों के संयुक्त संगठन एनसीजेसीएम के संयोजक शिवगोपाल मिश्रा ने कहा कि अब तक की बातचीत से यह लग रहा है कि इस मुद्दे का जल्द समाधान निकल आएगा। उनकी उम्मीद है कि अब तक जो भी बातचीत हुई है उसके अनुसार एचआरए में बढ़ोतरी की हो सकती है।
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ हुई एक बैठक में यह साफ कर चुके हैं कि सातवें वेतन आयोग के तहत संशोधित भत्ते और एचआरए लाखों केन्द्रीय कर्मचारियों को बिना किसी देरी के दिए जाने हैं। इसे लेकर 28 जून को होने वाली कैबिनेट की बैठक में बड़ा फैसला भी लिया जाना है। सूत्रों के अनुसार 28 जून को कैबिनेट मीटिंग के दौरान पीएम मोदी भी होंगे, जो तब तक अपने अमेरिका के दौरे से लौट कर आ चुके होंगे।
यह सप्ताह पीएम मोदी और अरुण जेटली दोनों के लिए ही काफी व्यवस्तता भरा रहा है। सोमवार को दोनों के बीच बैठक हुई थी, जिसमें बढ़े हुए भत्ते और एचआर को बढ़ाए जाने को लेकर चर्चा हुई। एक घंटे तक चली इस बैठक में इस मुद्दे पर भी चर्चा हुई कि इससे कितना भार सरकार पर बढ़ेगा। दोनों ने मिलकर यह तय किया है कि एचआरए X, Y और Z कैटेगरी के शहरों के लिए क्रमशः बेसिक पे का 27 फीसदी, 18 फीसदी और 9 फीसदी होगा।
बैठक के दौरान दोनों ने ही इस बात पर अपनी सहमति दिखाई की अब इस मामले में और अधिक देर करना सही नहीं है। यहां आपको बताते चलें कि इंटेलिजेंस ब्यूरो की तरफ से भी सरकार को यह चेतावनी दी गई थी कि अगर जल्द ही कोई कदम नहीं उठाया गया तो एक बड़ा आंदोलन हो सकता है। हाल ही में किसानों को प्रदर्शन से सरकार पहले ही घबराई हुई है, इसलिए भी वह जल्द से जल्द सातवें वेतन आयोग को लागू करना चाहती है, ताकि देश में दोबारा प्रदर्शन का कोई माहौल न बने।नकारात्मक रवैये के चलते कर रहे हैं।


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