अटल पेंशन योजना और सब्सिडी वाले कैरोसीन का फायदा लेने के लिए अब आधार नंबर जरुरी होगा। ऐसे में जिन लोगों के पास आधार नंबर नहीं हैं उन्हें जल्द ही अपना आधार नंबर लेना होगा।
अटल पेंशन योजना और सब्सिडी वाले कैरोसीन का फायदा लेने के लिए अब आधार नंबर जरुरी होगा। ऐसे में जिन लोगों के पास आधार नंबर नहीं हैं उन्हें जल्द ही अपना आधार नंबर लेना होगा। आपको बता दें कि कैरोसिन सब्सिडी के लिए आधार को लिंक कराने की आखिरी तारीख 30 सितम्बर है तो वहीं अटल पेंशन योजना के लिए आखिरी तारीख 15 जून है। तो अगर आप इन दोनों योजनाओं का लाभ प्राप्त करना चाहते हैं तो अपना आधार पंजीकरण करवायें।
जब तक नहीं है आधार तो क्या करें
अटल पेंशन योजना के लिए आधार नंबर के पंजीकरण करवाने की आखिरी तारीख 15 जून है। तो जब तक आपके पास आधार नंबर नहीं आ जाता तब तक आप राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी, फोटो के साथ किसान पासबुक, मनरेगा के अंतर्गत बने जॉब कार्ड जो कि तहसीलदार के द्वारा अप्रूव किया गया हो जैसे दस्तावेजों से भी काम चला सकते हैं।
आधार से लिंक होंगे राशन कार्ड और सब्सिडी वाले बैंक खाते
यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि राशन कार्ड और सब्सिडी वाले बैंक अकाउंट भी आधार से लिंक किए जाएंगे। जिसका लाभ घर के लिए उपयोग की जाने वाली चीजों और बैंक अकाउंट से कैश ट्रांसफर करने में मिलेगा। प्राकृतिक गैस और तेल मंत्रालय द्वारा बताया गया कि इस प्रक्रिया के माध्यम से लोगों को प्रत्यक्ष लाभ देने का प्रयास किया जाएगा एवं उन्हें सब्सिडी डायरेक्ट उनके खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
क्या मिलेगा फायदा
इन दोनों योजनाओं को आधार से जोड़ने का एक ही उद्देश्य है वह यह है कि सब्सिडी और लीकेज का सुरक्षित रखा जा सके। केंद्र सरकार ने आधार अधिनियम, 2016 की धारा 7 लागू की है, जिसका मानना है कि जब सरकार भारत के समेकित निधि (सीएफआई) से सब्सिडी, लाभ देती है, तो एक व्यक्ति को प्रमाणित करने या कब्जे का प्रमाण प्रस्तुत करने के लिए कहा जा सकता है। केंद्र सरकार द्वारा केंद्र शासित प्रदेश और राज्यों के लिए घरेलू उपयोग की वस्तुएं और सब्सिडी वाले कैरोसीन उन लोगों को प्रदान करती है जो कि गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करते हैं।
अटल पेंशन योजना
अटल पेंशन योजना को भारत के 18 से 40 वर्ष के नागरिक लेने योग्य हैं। लोगों को कम से कम 20 साल तक अंशदान देना होगा, तभी इस योजना का लाभ मिल सकेगा। कोई भी बैंक खाताधारी, जो किसी भी वैधानिक सामाजिक सुरक्षा योजना का सदस्य न हो, इस योजना का लाभ उठा सकता है। भारत सरकार ने पांच साल तक हर साल हर अंशदाता के अंशदान का 50 प्रतिशत या 1,000 रुपए का योगदान देने का फैसला किया है। यह अंशदान सिर्फ उन्हें ही मिलेगा, जो आयकर नहीं चुकाते हैं।


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