उड़ान स्कीम की हवाई यात्रा में अब हर तीन महीने में किराया बदल जाएगा। यानी कि किराया हर तीन महीने में बढ़ भी सकता है और घट भी सकता है।
27 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा शुरू की गई उड़ान स्कीम के तहत सस्ती हवाई सेवा का प्रवधान दिया गया था। जिसके अंतर्गत विमान में यात्रा करने वाले गरीब भारत वासियों के लिए एक उड़ान का खर्च मात्र 2,500 रुपए शुरूआती किराया रखा गया है। ताकि आम आदमी भी आसानी से हवाई सफर तय कर पाये। लेकिन अब इस किराये में हर तीन महीने में बदलाव देखने को मिलेगा। यानी कि किराया हर तीन महीने में बढ़ भी सकता है और घट भी सकता है।

क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना के तहत किराया दरों और एयरलाइंस को सरकार की ओर से दी जाने वाली सब्सिडी में हर तीसरे महीने संशोधन किया जाएगा। हवाई किराये की दर को मंहगाई दर से जोड़ा जाएगा, साथ ही वीजीएफ का निर्धारण मंहगाई दर के अलावा एटीएफ कीमत और रुपया-डॉलर विनिमय दर के आधार पर किया जाएगा।
आपको बता दें कि उड़ान योजना भारत की एविएशन पॉलिसी का ही एक परिणाम है। इसमे देश के छोटे-छोटे शहरों को हवाई मार्ग से जोड़ा जाएगा। इसमें मुख्य रुप से उन स्थानों को चिन्हित किया गया है जहां से एक स्थान से दूसरे स्थान की दूरी एक घंटे या उससे कम की हो। इस स्कीम का मुख्य उद्देश्य यह है कि नार्थ ईस्ट के सभी राज्य एयर कनेक्टिविटी से जुड़ें।


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