विधानसभा में पारित किए गए मप्र वस्तु एवं सेवा कर यानि जीएसटी विधेयक 2017 में कृषक की परिभाषा में 'हिंदू' का जिक्र किए जाने पर कांग्रेस विधायक राम निवास रावत ने सख्त ऐतराज दर्ज कराया।
बुधवार को मध्यप्रदेश विधानसभा में एक अलग ही नजारा देखने को मिला। विधानसभा में 'हिंदू' शब्द को लेकर एक कांग्रेस विधायक ने आपत्ति जताई। मध्य प्रदेश विधानसभा में बुधवार को पारित किए गए मप्र वस्तु एवं सेवा कर यानि जीएसटी विधेयक 2017 में कृषक की परिभाषा में 'हिंदू' का जिक्र किए जाने पर कांग्रेस विधायक राम निवास रावत ने सख्त ऐतराज दर्ज कराया। दरअसल यहां हिंदू शब्द का वह अर्थ नहीं है जो कांग्रेस विधायक समझ रहे हैं, यहां हिंदू अविभाजित परिवार का अर्थ दूसरा है, पहले आप कांग्रेस विधायक की आपत्ति और प्रतिक्रिया पढ़ लीजिए उसके बाद हमने विस्तार से हिंदू अविभाजित परिवार के हर बिंदु के बारे में बताया है।
हिंदू शब्द पर आपत्ति!
विधेयक में किसान को परिभाषित करते हुए कहा गया है, "कृषक से ऐसा कोई व्यक्ति या कोई हिंदू अविभक्त कुटुंब (हिंदू अविभाजित परिवार/Hindu Undivided Family) है जो, स्वयं के श्रम द्वारा या कुटुंब (परिवार) के श्रम द्वारा या नगद या वस्तु के रूप में संदेय मजदूरी पर सेवकों द्वारा या व्यक्तिगत पर्यवेक्षण के अधीन या कुटुंब के किसी सदस्य के व्यक्तिगत पर्यवेक्षण के अधीन भाड़े के मजदूरों द्वारा भूमि पर खेती करता है।"
क्या कहा कांग्रेस विधायक ने
विधेयक में कृषक को एक समुदाय हिंदू से जोड़े जाने पर कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत ने आपत्ति दर्ज कराई और सवाल किया कि क्या अन्य जाति या समुदाय के लोग खेती नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि इस देश और प्रदेश में भिन्न-भिन्न धर्म के लोग रहते हैं और वे खेती किसानी में लगे हुए हैं, कृषक की परिभाषा में सिर्फ हिंदू शब्द जोड़कर अन्य धर्मावलंबियों के साथ न्याय नहीं किया गया है।
क्या है हिंदू अविभाजित परिवार का अर्थ
अब जरा इस पूरे शब्द की असल व्याख्या क्या है उसे समझना होगा। दरअसल हिंदू अविभाजित परिवार एक टर्म है जिसमें टैक्स में छूट का लाभ मिलता है। एक और बात हिंदू लॉ के नियमानुसार हिंदू अविभाजित परिवार नियम सिर्फ हिंदुओं के लिए नहीं है इसमें सिख, जैन और बौद्ध परिवार भी इस दायरे में आते हैं।
अब हम आपको बताते हैं कि आखिर ये हिंदू अविभाजित परिवार (Hindu Undivided Family) आखिर क्या है और ये कैसे टैक्स बचाने में मददगार है।
हिंदू अविभाजित परिवार
आयकर बचाने के लिए ये एक बेहतर तरीका है, क्योंकि इनकम टैक्स विभाग एचयूएफ को एक अलग इकाई की तरह देखता है। हिंदू अविभाजित परिवार बनाने के लिए HUF के नाम बैंक में खाता खुलवाना पड़ता है। यह खाता परिवार के मुखिया के नाम पर होता है और मुखिया के नाम के बाद HUF जुड़ा रहता है।
HUF पैनकार्ड
बैंक में HUF के खाता खोले जाने के बाद परिवार के मुखिया को पैनकार्ड के लिए आवेदन करना होता है इसके बाद HUF के नाम पर एक पैनकार्ड बनकर आता है, इस पैन कार्ड पर अंत में HUF जुड़ा रहता है।
परिवार का एक साथ रहना जरूरी नहीं
इस नियम में ये जरूरी नहीं है कि पूरा परिवार एक साथ रहे या एक छत के नीचे रहे, इसमें जरूरी है कि परिवार का मुखिया परिवार के सारे मामलों की देखभाल करता हो।
सिर्फ शादी-शुदा लोगों के लिए है ये एक्ट
इस नियम के तहत सिर्फ शादी-शुदा लोग ही HUF बन सकते हैं, कुंवारे लोग इसके लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं। इसके अलावा HUF पर टैक्स में छूट पाने के लिए बच्चे का होना जरूरी है। अगर दंपति के कोई बच्चा नही हैं तो भी वह आवेदन के दौरान बच्चे का जिक्र करके HUF बना सकते हैं।
कौन है सबसे छोटी इकाई
HUF की सबसे छोटी इकाई पति-पत्नी है इसमें ये जरूरी नहीं कि परंपरागत तरीके से चले आ रहे परिवार रीति का अनुसरण किया जाए। सिर्फ पति-पत्नि और उनकी संतान भर से भी HUF के लिए आवेदन किया जा सकता है।
कौन बन सकता है HUF
इस कानून में एक नियम यह भी है कि इसमें संयुक्त परिवार भी HUF हो सकता है, साथ ही रिश्तेदार या दोस्त से गिफ्ट लेकर हिंदू अविभाजित परिवार बनाया जा सकता है।
किसी की मौत हो जाए तो क्या करेंगे
यदि HUF में किसी एक मेंबर/व्यक्ति की मौत हो जाए तो भी HUF बरकार रहेगा। नए नियम के तहत किसी HUF की आय यदि 10 लाख रुपए से ज्यादा है तो इनकम टैक्स रिटर्न भरना जरूरी होगा।
HUF के फायदे
HUF बनने के बाद आप दो तरह से टैक्स में फायदा ले सकते हैं, पहले तो आपको जो व्यक्तिगत तौर पर टैक्स में छूट मिलती है वह शामिल रहेगी दूसरा HUF का सदस्य होने के नाते। जिन लोगों को विरासत में संपत्ति मिली है उन्हें HUF में सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा।
HUF पीपीएफ खाता भी खुलवा सकते हैं
इसके अलावा HUF पीपीएफ खाता भी खुलवा सकते हैं, इसमें पीपीएफ खाते की ब्याज दर पूरे साल के लिए तय होती है। वहीं आमतौर पर छोटी बचत योजनाओं पर हर तिमाही ब्याज दर में बदलाव होता रहता है।
शब्द का अर्थ समझना है जरूरी
तो ये थी हिंदू अविभाजित परिवार यानि HUF की पूरी परिभाषा, नियम शर्तें और लाभ से जुड़ी जानकारी। ध्यान रहे कि सिर्फ शब्द पर ध्यान न देकर अर्थ पर ध्यान देने की जरूरत है वर्ना इस माहौल में गलत मतलब निकालने के लिए तमाम बाते हैं जिन पर हम सिर्फ सुनकर ही भरोसा कर लेते हैं, जरूरत है जानकारी की वर्ना आप भी कांग्रेस के विधायक की तरह इधर-उधर की बयानबाजी करते रहेंगे।
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