प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राज्यों से कहा कि वित्त वर्ष जनवरी-दिसंबर करने पर विचार करें और इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे देश में जहां कृषि आय अत्यंत महत्वपूर्ण है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राज्यों से कहा कि वित्त वर्ष जनवरी-दिसंबर करने पर विचार करें और इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे देश में जहां कृषि आय अत्यंत महत्वपूर्ण है, वहां बजट वर्ष प्राप्तियों के तत्काल बाद ही तैयार किया जाना चाहिए।

नीति आयोग के शासी परिषद की यहां तीसरी बैठक में अपने समापन भाषण में मोदी ने कहा कि वित्त वर्ष को मौजूदा अप्रैल-मार्च के बदले जनवरी-दिसंबर करने के सुझाव आए हैं। उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे इस संबंध में पहल करें।
प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार मिटाने और सरकारी खरीदी में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जीईएम गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस प्लेटफार्म का इस्तेमाल करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भीम और आधार जैसी प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से राज्यों को काफी बचत होगी।
मोदी ने संसदीय और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की बात भी दोहराई। उन्होंने कहा कि देश लंबे समय से आर्थिक और राजनीतिक कुप्रबंधन का शिकार रहा है और इस विषय पर एक रचनात्मक चर्चा पहले ही शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि समय के खराब प्रबंधन के कारण कई अच्छी पहलें और योजनाएं अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाई हैं।
More From GoodReturns

सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट: 1 सितंबर को जानें अपने शहर में 22K और 24K के ताजा रेट

SEBI का नया नॉमिनेशन नियम: 1 सितंबर से पहले ये काम नहीं किया तो अटक सकता है आपका निवेश

Gold Price Today: 30 अगस्त को सोने के भाव में स्थिरता, खरीदारी से पहले देखें अपने शहर के लेटेस्ट रेट

Forex Reserve Record: भारत के खजाने में ऐतिहासिक उछाल, आम आदमी और बाजार पर क्या होगा असर?

आज 31 अगस्त को सोने के दाम स्थिर, खरीदारी से पहले जानें 22 और 24 कैरेट के ताजा रेट

29 अगस्त को सोना हुआ सस्ता: क्या आज खरीदारी का सही मौका है? जानें ताजा रेट

सितंबर में बैंक रहेंगे कई दिन बंद: घर से निकलने से पहले चेक कर लें छुट्टियों की पूरी लिस्ट

28 अगस्त को सोने के दाम में हल्की नरमी, जानें आपके शहर में क्या है 22K और 24K का ताजा भाव?

पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट: शनिवार को आपके शहर में क्या है तेल की कीमत? पूरी लिस्ट देखें

Q1 FY27 GDP आंकड़े: क्या 7% की ग्रोथ से खुश होगा शेयर बाजार?

MSCI रीबैलेंसिंग आज: नए शेयरों की दौड़ में फंसें या SIP का अनुशासन अपनाएं?



Click it and Unblock the Notifications