केन्द्र की मोदी सरकार देश से गरीबी दूर करने के लिए एक डायरेक्ट बेनेफिट योजना लेकर आ रही है। इस योजना के तहत सरकार देश के ग्रामीण इलाकों में गरीबी झेल रहे लगभग 8.5 करोड़ परिवारों को कर्ज देगी।
केन्द्र की मोदी सरकार देश से गरीबी दूर करने के लिए एक डायरेक्ट बेनेफिट योजना लेकर आ रही है। इस योजना के तहत सरकार देश के ग्रामीण इलाकों में गरीबी झेल रहे लगभग 8.5 करोड़ परिवारों को कर्ज देगी। यह कर्ज इन गरीब परिवारों को व्यवसाय का नया जरिया तैयार करने के लिए दिया जाएगा। खास बात ये है कि इस कर्ज के एक बड़े हिस्से का ब्याज केंद्र सरकार खुद अदा करेगी।
सरकार ने कराया सर्वे
केंद्र की मोदी सरकार ने हाल ही में एक सर्वे कराया है इसमें केन्द्र सरकार ने सामाजिक, आर्थिक और जातिगत सर्वेक्षण के आंकड़ों का सहारा लिया है। इन आंकड़ों में केन्द्र सरकार ऐसे लगभग 8.5 करोड़ परिवारों को चिह्नित करेगी और इस योजना के तहत 2019 तक चिह्नित परिवारों को एक लाख रुपए का लोन आवंटित करेगी।
एक लाख रुपए तक लोन देगी मोदी सरकार
एक लाख रुपए के लोन की योजना के तहत केन्द्र सरकार की कोशिश रूरल फाइनेनसिंग के सरकारी ढांचे को पुख्ता करने की है। इस योजना का लक्ष्य ग्रामीण इलाकों में गरीब परिवारों की क्षेत्रीय साहूकार और माइक्रोफाइनेनस कंपनियों पर निर्भरता कम करने की है।
ब्याज वसूली का खेल होगा खत्म
आपको बता दें कि जहां बैंकों द्वारा कर्ज के लिए लगभग 11 फीसदी का ब्याज वसूला जाता है वहीं क्षेत्रीय साहूकार और माइक्रोफाइनेनस कंपनियां इस दर से कहीं ज्यादा ब्याज वसूलते हैं और ग्रामीण इलाकों में गरीब परिवार इस ब्याज के बोझ तले दबे रहते हैं।
ठोस कार्य योजना तैयार कर रही है केंद्र सरकार
केन्द्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कृषि और एनिमल हस्बेंडरी मंत्रालय के साथ करार किया है। इस करार के तहत गरीब परिवारों को खेत जुताई, पोल्ट्री फार्म और बकरी पालन जैसी गतिविधियों के जरिए आमदनी करने के लिए सक्षम किया जाएगा। कुल मिलाकर कहा जाए तो सरकार इन्हें स्वावलंबी बनाने की दिशा में एक ठोस कार्य योजना बना रही है।
निजी कंपनियों के साथ भागीदारी पर भी विचार
इन परिवारों को सस्ते दर पर दिया गया लोन इन कामों के जरिए आमदनी को पुख्ता करने के लिए दिया जाएगा। इसके अलावा सरकार नेशनल डेयरी बोर्ड की मदद के साथ-साथ इस क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी पर भी काम कर रही है।
4 फीसदी की ब्याज दर
बैंक द्वारा लोन के लिए लिए जा रहे 11 फीसदी ब्याज दर को कम करने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय 4 फीसदी ब्याज इंटरेस्ट सबअर्बन के जरिए कम कर 7 फीसदी पर उपलब्ध कराएगा। वहीं देश के लगभग 250 अति पिछड़े जिलों में केन्द्र सरकार यह कर्ज सिर्फ 4 फीसदी ब्याज पर देने की तैयारी में है। इसके लिए वह उन परिवारों को इंटरेस्ट सबवर्जन के जरिए ही 3 फीसदी अतिरिक्त छूट देगी जो समय से अपने ब्याज की भरपाई करेगा।
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